ब्यूटी l सरसों का तेल हमारी सेहत से लेकर स्किन और बालों के लिए काफी फायदेमंद होता है। वहीं, फिटकरी का इस्तेमाल घरेलू उपचार के तौर पर सदियों से किया जा रहा है। आमतौर पर, इन दोनों का प्रयोग अलग-अलग किया जाता है। लेकिन क्या आप सरसों के तेल में फिटकरी मिलाकर लगाने के फायदे जानते हैं? जी हां, आयुर्वेद में सरसों के तेल और फिटकरी का प्रयोग कई बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जाता है। दरअसल, सरसों के तेल में विटामिन्स, फैटी एसिड, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। वहीं, फिटकरी में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। इस मिश्रण का इस्तेमाल करने से शरीर से लेकर त्वचा और बालों से संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
सरसों के तेल और फिटकरी का मिश्रण जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में बेहद प्रभावी होता है। दरअसल, इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। सरसों के तेल में फिटकरी मिलाकर मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे गठिया, मांसपेशियों में खिंचाव और अन्य शारीरिक दर्द से राहत मिल सकती है।
त्वचा कट-फट जाने पर या चोट लगने पर सरसों के तेल और फिटकरी का प्रयोग करने से घाव को जल्दी भरने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यह घाव को बढ़ने से रोक सकता है और स्किन को इंफेक्शन से बचाए रखने में भी मदद करता है।सरसों के तेल और फिटकरी का मिश्रण दांत और मसूड़ों में दर्द की परेशानी को कम कर सकता है। साथ ही, मसूड़ों की सूजन से भी राहत दिला सकता है। सरसों के तेल में फिटकरी मिलाकर मालिश करने से मसूड़े से खून आने की समस्या भी दूर हो सकती है। इससे दांतों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
सरसों का तेल और लहसुन लगाने से त्वचा से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है, जिससे त्वचा में निखार आता है। इसमें मौजूद गुण त्वचा के संक्रमण को दूर करने में मदद करते हैं। साथ ही, त्वचा को मॉइश्चराइज भी करते हैं। इसके इस्तेमाल से त्वचा के संक्रमण खुजली और मुंहासे की समस्या से राहत मिल सकती है।

