अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक युवा डॉक्टर ए रविकुमार ने रविवार को खुदकुशी कर ली। उन्होंने अपने कमरे में कपड़े से फंदा बनाया और पंखे में लटक गया।
कमरे से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने वर्क प्रेशर में होने और अनिद्रा का जिक्र भी किया है। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है। इसकी जांच की जा रही है। आमानाका पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक मूलत: हैदराबाद के रहने वाले डॉक्टर ए रविकुमार (26) एम्स में जूनियर रेसीडेंट डॉक्टर के रूप में पदस्थ थे। देर रात उन्होंने अपने कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

डॉक्टर रविकुमार ने सुसाइड नोट में अम्मा-अन्ना को सॉरी लिखा है। बताया जाता है कि वे लगातार ड्यूटी और काम के चलते दबाव में थे। वे लगातार ड्यूटी के चलते सो नहीं पा रहे थे। इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। उनकी अपने परिवार वालों से आखिरी बार 2 मई को 22.30 बजे बातचीत हुई थी। डॉक्टरों के मुताबिक मृत डॉक्टर कुछ दिनों से तनाव में चल रहे थे।
रात में उनके दोस्त ने कॉल किया, तो उन्होंने नहीं उठाया। इसके बाद सुबह कॉल किया। उस समय भी कॉल नहीं उठाया। इसके बाद उनके साथी डॉक्टर के कमरे पर पहुंचे। खिड़की से भीतर देखने पर डॉक्टर रविकुमार सीलिंग फैन से कपड़े के फंदे पर लटके मिले।
पुलिस ने दरवाजा तुड़वाकर डॉक्टर के शव को नीचे उतारा और पीएम के लिए भेजा। बता दें कि रायपुर एम्स में पहली बार किसी पीजी डॉक्टर ने जान दी है। (Doctor Committed suicide) इससे पहले नर्सिंग छात्रा आत्महत्या कर चुकी है। एपीआरओ एम्स डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि डॉक्टर पर काम के दबाव वाली बात की जानकारी जुटाएंगे। फिलहाल इस मामले में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
