राजनांदगांव l राजनांदगांव के उभरते अंतर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी महेन्द्र धुर्वे ने 10 से 16 जून 2025 तक उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित अंडर-19 सीएवीए वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और टीम को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। महेन्द्र के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें “बेस्ट अटेकर“ के पुरस्कार से भी नवाज़ा गया।

महेन्द्र ने अपने खेल करियर की शुरुआत राजनांदगांव के स्टेट स्कूल मैदान परिसर से की थी। बचपन से ही वॉलीबॉल के प्रति रुचि रखने वाले महेन्द्र ने कठिन परिश्रम और समर्पण से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
पूर्व में वे ईरान के बैरीन शहर में आयोजित अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। साथ ही, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया था।

वर्तमान में वे नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (छब्व्म्), त्रिवेंद्रम (केरल) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और निरंतर अपने खेल कौशल को निखारने में जुटे हुए हैं।

महेंद्र ध्रुव ने कहां 2036 में भारत में होने वाले ओलंपिक में कड़ी मेहनत करके खेलना चाहूंगा साथ ही साथ भारत के लिए पदक लाने का प्रयास करूंगा
