मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के सभी कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण (SC Development Authority) के मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता, गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ पूरा किया जाए।

🏛 मुख्यमंत्री के निर्देशों के मुख्य बिंदु
- गंभीरता से क्रियान्वयन
- स्वीकृत कार्य केवल औपचारिकता न बनें—इनका सही और ठोस असर ज़मीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
- पूरी गुणवत्ता के साथ निर्माण/कार्यान्वयन
- चाहे वह सड़क निर्माण, भवन, पेयजल योजना, या कोई अन्य विकास कार्य हो—गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी न हो।
- तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य है।
- समय-सीमा का पालन
- कार्य निर्धारित समय में पूरे किए जाएं, ताकि जनता को जल्दी लाभ मिल सके।
- देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
🎯 अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के कार्यों का उद्देश्य
- अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए विशेष परियोजनाएं चलाना।
- बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना, जैसे—
- सड़क और परिवहन सुविधा
- शिक्षा संस्थान और छात्रावास
- पेयजल और स्वच्छता
- स्वास्थ्य केंद्र
- स्वरोज़गार और कौशल विकास कार्यक्रम
📌 कलेक्टर्स की भूमिका
- कार्य चयन — ज़िले की ज़रूरत के हिसाब से प्राथमिकता तय करना।
- निगरानी — नियमित निरीक्षण और प्रगति रिपोर्ट तैयार करना।
- पारदर्शिता — कार्यों की जानकारी सार्वजनिक करना और शिकायत निवारण की व्यवस्था रखना।
🔍 संभावित प्रभाव
- अनुसूचित जाति समुदाय को बेहतर बुनियादी ढांचा और सुविधाएं मिलेंगी।
- योजनाओं की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
- भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अंकुश लगेगा।
