सम्मेलन एवं पीएम मोदी के आगमन — क्या, कब और कहाँ
- 60वाँ DGP-IGP सम्मेलन 28–30 नवंबर 2025 तक आयोजित हो रहा है, और यह पहली बार है कि यह राष्ट्रीय-स्तरीय सुरक्षा सम्मेलन IIM Raipur, नवा रायपुर (छत्तीसगढ़) में हो रहा है।
- पीएम मोदी आज (27 नवंबर की शाम) रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे — रिपोर्ट के अनुसार लगभग शाम 7:30 बजे। वहाँ से वे सीधे नवा रायपुर के M-01 बंगले जाएँगे जहाँ रात्रि विश्राम किया जाएगा।
- सम्मेलन में उनकी भागीदारी 29 और 30 नवंबर को तय है। यानी वे दो दिन राष्ट्रीय स्तर के पुलिस-सुरक्षा प्रमुखों के साथ बैठकों, चर्चाओं और आयोजन में शामिल होंगे।
🎯 सम्मेलन का उद्देश्य और एजेंडा — क्यों यह महत्वपूर्ण
- सम्मेलन का थीम है “विकसित भारत: सुरक्षा आयाम” — जिसका लक्ष्य है आधुनिक चुनौतियों (आतंकवाद, साइबर अपराध, नक्सलवाद, आंतरिक सुरक्षा, महिला-सुरक्षा आदि) के लिए देशव्यापी रणनीति तैयार करना।
- इस दौरान देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP), आइजी (IG), केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और अन्य प्रमुख अधिकारी होंगे, जो अपने-अपने राज्यों/एजेंसियों की सुरक्षा चुनौतियों तथा उपायों पर प्रस्तुति देंगे — इससे सामूहिक अनुभव और बेहतरीन प्रैक्टिस साझा होंगी।

- चर्चा के प्रमुख मुद्दे होंगे: वामपंथी उग्रवाद (LWE), आतंकवाद, साइबर एवं डिजिटल अपराध, सीमा–सुरक्षा, ड्रग्स व तस्करी नियंत्रण, आधुनिक पुलिसिंग — जिसमें फोरेंसिक, एआई, साइबर तकनीक, डेटा-विश्लेषण आदि शामिल होंगे।
- इसके अलावा, प्रतिभागियों के आपसी समन्वय (coordination), साझा रणनीति (common guidelines), और एक मॉडल-राज्य के आधार पर पॉलिसी (guidelines) तैयार करना — ताकि राष्ट्रीय स्तर पर कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यापक रूप से मजबूत हो सके।
- सम्मेलन के दौरान कई पुलिस अधिकारी (state & central) को President’s Police Medal जैसे सम्मान दिए जाएंगे — इससे उत्कृष्ट सेवा, उत्तरदायित्व और पेशेवर निष्ठा को प्रोत्साहन मिलेगा।
🔐 सुरक्षा-व्यवस्था, आयोजन और मेजबानी — राहुल्य से तैयारी
- नवा रायपुर, IIM परिसर और आसपास के इलाके को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन घोषित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में SPG, राज्य पुलिस, केंद्रीय बल, इंटेलिजेंस एजेंसियाँ, सभी मिलकर तैनात हैं।
- वीवीआईपी (पीएम, गृह मंत्री, NSA आदि) के ठहरने व आवागमन के लिए विशेष बंगले/ओफिस बनाए गए हैं — जैसे पीएम मोदी के लिए M-01 बंगला, गृह मंत्री के लिए M-11 बंगला रिजर्व है।
- लॉजिस्टिक और आवास व्यवस्था पूरी तरह तैयार — देश के 33 राज्यों से आने वाले पुलिस-सुरक्षा प्रमुखों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के लिए पर्याप्त कमरे, सुरक्षा, रिहायशी व्यवस्था तय की गई है।
🌐 यह सम्मेलन हमारे लिए क्यों मायने रखता है — राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर
- राष्ट्रीय स्तर पर — यह सम्मेलन भारत की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग सुधार, आतंकवाद/नक्सलवाद/साइबर अपराध से निपटने की साझा रणनीति तय करने का एक सर्वोच्च मंच है। इसका असर हर राज्य व उसके नागरिकों पर पड़ता है।
- छत्तीसगढ़ के लिए — पहली बार राज्य होस्ट कर रहा है; इससे राज्य का राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम योगदान और मान्यता बढ़ती है। राज्य की पुलिस, प्रशासन व सुरक्षा तंत्र का अनुभव-आदान-प्रदान, नयी तकनीक व रणनीतियों का लाभ मिलेगा।
- भविष्य के लिए — यदि सम्मेलन में तय रोडमैप सफल रहा, तो पूरे देश में पुलिसिंग आधुनिक होगी, सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा, अपराध नियंत्रण एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण सम्भव होगा।
