देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रायपुर में जारी DG-IG कॉन्फ्रेंस का आज दूसरा दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे, जहां आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद, नक्सलवाद और साइबर सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर रणनीति तैयार की जाएगी।

🔹 आज की बैठक में क्या-क्या होगा?
आज कुल चार बड़े सत्र होंगे, जिनमें देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारी, इंटेलिजेंस एजेंसियाँ, CRPF, BSF, ITBP, NIA, IB और अन्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी।
बैठक का फोकस इन मुद्दों पर रहेगा👇
- नक्सलवाद उन्मूलन और भावी रणनीति
- आतंकवाद और कट्टरपंथ पर रोक
- साइबर वार और डिजिटल सुरक्षा
- अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा स्थिति
- ड्रोन सुरक्षा और नई तकनीक से निगरानी
- ड्रग तस्करी और संगठित अपराध पर कार्रवाई
🕒 PM मोदी का आज का शेड्यूल
| समय | कार्यक्रम |
|---|---|
| सुबह 8:15 बजे | पीएम मोदी IIM रायपुर पहुंचेंगे |
| इसके बाद | DG-IG कॉन्फ्रेंस में स्वागत कार्यक्रम |
| सुबह से रात 8 बजे तक | लगातार बैठकें और प्रस्तुतीकरण |
| रात 8:35 बजे | पीएम मोदी स्पीकर हाउस के लिए रवाना होंगे |
| रात 8:45 बजे | स्पीकर हाउस M-01 पहुंचकर रात्रि विश्राम |
बैठक के दौरान PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश की सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
🔹 बैठक का उद्देश्य
इस कॉन्फ्रेंस का एकमात्र उद्देश्य है:
“विकसित भारत – सुरक्षित भारत” का विज़न तैयार करना।
यानी आने वाले वर्षों में देश की पुलिस व्यवस्था, तकनीकी क्षमताएँ, आतंकवाद-रोधी कार्यप्रणाली और आंतरिक सुरक्षा को वैश्विक मानकों के अनुसार मजबूत बनाना।
🔹 विशेष फोकस: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद
चूंकि बैठक छत्तीसगढ़ में हो रही है, इसलिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुँच, सुरक्षा बलों की तैनाती और नए सुरक्षा ब्लूप्रिंट पर विशेष चर्चा होगी।
🔹 बैठक क्यों महत्वपूर्ण?
यह बैठक सिर्फ औपचारिक कॉन्फ्रेंस नहीं है, बल्कि यह वह मंच है जहाँ:
- राज्यों और केंद्र के सुरक्षा मॉडल की तुलना होती है
- सुरक्षा बलों की चुनौतियों और सफलता पर चर्चा होती है
- नई सुरक्षा नीतियों और सुधारों पर निर्णय लिया जाता है
🔚 निष्कर्ष
आज का दिन देश की सुरक्षा रणनीति के लिहाज से बेहद अहम है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी में लिए गए निर्णय आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा, नक्सल उन्मूलन और आतंकवाद के खिलाफ अभियान को नई दिशा दे सकते हैं।
