प्रदेश के गंगोत्री हाईवे पर चारधाम सड़क परियोजना के तहत सड़कों के चौड़ीकरण के लिए पहले लगभग 6000 देवदार के पेड़ों को काटने की योजना बनाई गई थी। लेकिन अब, योजना में संशोधन करते हुए, 12 मीटर की चौड़ाई की जगह 11 मीटर ही सड़क बनाने पर सहमति बनी है। इस संशोधन के तहत अब कुल 1413 पेड़ काटे जाएंगे और 1202 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, लेकिन भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन का कहना है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के काम को एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के दिशा-निर्देशों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर ही अनुमति दी जाती है। उन्होंने बताया कि भुवैज्ञानिकों द्वारा इलाके की पूरी जांच पड़ताल करने के बाद ही केंद्र सरकार द्वारा काम को मंजूरी दी जाती है।
कमलेश रमन ने कहा कि विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर सवाल उठाना यह दर्शाता है कि उनके कार्यकाल में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। भाजपा सरकार का उद्देश्य गांव-गांव तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जितने पेड़ कट रहे हैं, उससे कहीं अधिक पेड़ जनमानस की भागीदारी से लगाए जा रहे हैं, और विपक्ष को इस मामले में राजनीति करने की जरूरत नहीं है।
यह संशोधन और ट्रांसप्लांटेशन का कदम परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, ताकि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
