छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम नगपुरा में प्रसिद्ध कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा द्वारा आयोजित होने जा रही शिव महापुराण कथा को लेकर प्रशासन और यातायात पुलिस पूरी तरह सतर्क है। यह धार्मिक आयोजन 17 दिसंबर से शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष रूट डायवर्सन प्लान और अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था लागू की है, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

🔹 भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्सन
यातायात पुलिस के अनुसार आयोजन के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर विशेष प्रतिबंध रहेंगे—
- पुलगांव की ओर से आने वाले भारी वाहन गनियारी–बोरई मार्ग स्थित श्रीराम पान पैलेस के पास से
ग्राम बोरई – घुमका – ठेलका डीह – राजनांदगांव की ओर डायवर्ट किए जाएंगे। - हरिओम किराना स्टोर, ग्राम बोरई तिराहा के पास भी भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा।
- सृष्टि इंजीनियर के पास चौराहा पर भी भारी वाहनों का डायवर्सन रहेगा।
🔹 किन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध
- चिखली चौक, धमधा रोड से कार्यक्रम स्थल की ओर किसी भी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- रावण भाठा चौक नगपुरा की ओर से आने वाले भारी वाहनों को दुर्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
🔹 निर्धारित मार्ग (भारी वाहन)
- शनि मंदिर अंजोरा मोड़ – नगपुरा – जल बांधा – खैरागढ़ मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन निर्धारित किया गया है।
🔹 श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग दिशाओं से आने वालों हेतु पृथक पार्किंग स्थल तय किए गए हैं—
- दुर्ग, कोटनी, भिलाई और रायपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु
👉 गण बाजार चौक से आगे बिजली सब स्टेशन के सामने निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े करेंगे। - बायपास महमरा, गनियारी, अंजोरा की ओर से आने वाले श्रद्धालु
👉 नगपुरा पुलिस चौकी के बगल स्थित मैदान में वाहन पार्क करेंगे। - खैरागढ़, जल बांधा, धमधा की ओर से आने वाले श्रद्धालु
👉 नगपुरा चौकी से पहले दाएं-बाएं तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों में वाहन खड़े करेंगे।
🔹 पुलिस की अपील
यातायात पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने की अपील की है, ताकि शिव महापुराण कथा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
श्रद्धा, भक्ति और व्यवस्था—तीनों का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है, जिससे श्रद्धालु निश्चिंत होकर शिव महापुराण कथा का श्रवण कर सकें।
