भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाले में छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार तड़के ईडी ने राजधानी रायपुर और महासमुंद में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया।
रायपुर–महासमुंद में एक साथ ED की दबिश
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई हरमीत खनूजा, उनके सहयोगियों और घोटाले से जुड़े कुछ राजस्व अधिकारियों के ठिकानों पर की गई है।

- कुल 7 अलग-अलग टीमों ने एक साथ तड़के सुबह छापेमार कार्रवाई शुरू की।
- रायपुर और महासमुंद में करीब 9 ठिकानों को खंगाला जा रहा है।
- ईडी अधिकारी मौके पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की गहन जांच कर रहे हैं।
महासमुंद में कारोबारी के घर छापा
महासमुंद में ईडी की टीम दो गाड़ियों में पहुंची। यहां बसंत कॉलोनी स्थित कारोबारी जशबीर सिंह बग्गा के निवास पर छापेमारी की गई है।
- जशबीर सिंह बग्गा होंडा शोरूम के मालिक बताए जा रहे हैं।
- ईडी अधिकारी उनके घर पर मौजूद दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
क्या है भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला?
छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक करीब 950 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
- इसमें रायपुर–विशाखापट्टनम फोरलेन सड़क
- और दुर्ग से आरंग तक सिक्स लेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है।
इस परियोजना के लिए बड़ी संख्या में किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई, जिसके बदले उन्हें मुआवजा दिया जाना था। लेकिन—
- कई किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला,
- जबकि कुछ भूमाफियों को कई गुना ज्यादा मुआवजा दिलाए जाने का आरोप है।
600 करोड़ के नुकसान का आरोप
जांच में सामने आया है कि एसडीएम निर्भय साहू और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों ने भूमाफियों के साथ मिलीभगत कर कई गुना अधिक मुआवजा राशि स्वीकृत कराई।
- इससे सरकार को लगभग 600 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
मामला उजागर होने के बाद—
- मार्च महीने में तत्कालीन एसडीएम निर्भय कुमार साहू,
- दो तहसीलदार और तीन पटवारी को निलंबित किया गया था।
निलंबन के समय निर्भय कुमार साहू जगदलपुर नगर निगम के आयुक्त पद पर पदस्थ थे।
विधानसभा से शुरू हुई जांच
इस घोटाले का मुद्दा विधानसभा बजट सत्र 2025 के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने उठाया था। इसके बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का निर्णय लिया।
EOW को सौंपी गई जांच
राज्य सरकार ने इस घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को सौंपी है।
- EOW ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- अब ईडी की छापेमारी से माना जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी जांच तेज होगी।
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
