रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के धौराभाठा गांव में हुए हिंसक घटनाक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर रुख अपनाया है। जिंदल उद्योग को आबंटित गारे पेलमा सेक्टर–1 कोल ब्लॉक के विरोध में 5 दिसंबर से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के अचानक हिंसक रूप लेने की जांच के लिए कांग्रेस ने 9 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की अनुशंसा पर बनी कमेटी
यह जांच कमेटी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अनुशंसा पर गठित की गई है। कमेटी का उद्देश्य तमनार में हुई हिंसा की वस्तुस्थिति का पता लगाना और यह जानना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन कैसे हिंसक संघर्ष में तब्दील हुआ।
पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू बनाए गए संयोजक
जांच कमेटी में—
- संयोजक: पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू
- सदस्य:
- पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया
- विधायक उमेश पटेल
- लालजीत सिंह राठिया
- इंद्रशाह मंडावी
- उत्तरी जांगड़े
- जनक ध्रुव
- रायगढ़ जिलाध्यक्ष नागेंद्र नेगी
- सीसी अध्यक्ष रायगढ़ शाखा यादव
क्षेत्र दौरे और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू के हस्ताक्षर से जारी आदेश में जांच कमेटी को तत्काल क्षेत्र का दौरा करने, पीड़ित ग्रामवासियों से भेंट और चर्चा करने तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर अपना प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
कैसे भड़की हिंसा?
उल्लेखनीय है कि यह हिंसा उस समय भड़की जब भू-अधिग्रहण और प्रस्तावित कोयला उत्खनन परियोजना के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों को हटाने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी हुई, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई और हिंसा भड़क उठी। इस घटना में कई ग्रामीण और अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को आदिवासी हितों, भूमि अधिकार और जनआंदोलन से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
