मध्य प्रदेश के जबलपुर में शुक्रवार रात जैन समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा एक मामला उस वक्त तूल पकड़ गया, जब एक मशहूर मिठाई दुकान पर हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते सामुदायिक आक्रोश और पुलिस कार्रवाई में बदल गया। ऐतिहासिक कमनिया गेट क्षेत्र स्थित दुकान पर हुई इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया।

मिठाई की गुणवत्ता से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। शिकायतकर्ता राजकुमार जैन, जो क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यवसायी बताए जा रहे हैं, अपने माता-पिता और परिजनों के साथ मिठाई खरीदने दुकान पहुंचे थे।
शिकायत के मुताबिक, दुकान पर परोसे गए खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और ठंडा सामान दिए जाने को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। इसी बात से शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे दुकान प्रबंधन और जैन परिवार के बीच तीखी बहस में बदल गया।
आपत्तिजनक भाषा के आरोप, मामला बना धार्मिक
राजकुमार जैन का आरोप है कि जब उन्होंने ठंडा सामान परोसने का विरोध किया, तो दुकान प्रबंधन ने स्टाफ को बुला लिया और स्थिति और बिगड़ती चली गई।
आरोप है कि इस दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और पूरे जैन समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। यहीं से मामला सिर्फ व्यक्तिगत विवाद न रहकर धार्मिक और सामाजिक सम्मान से जुड़ गया।
सैकड़ों लोग जुटे, विरोध-प्रदर्शन शुरू
कथित अपमानजनक शब्दों से आहत होकर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र होने लगे। देखते ही देखते खबर आसपास के इलाकों में फैल गई और सैकड़ों लोग मिठाई दुकान के बाहर जमा हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। हालात लगातार तनावपूर्ण होते चले गए और प्रशासन के लिए भीड़ को संभालना चुनौती बन गया।
पुलिस बल तैनात, हालात बेकाबू
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया। जानकारी के मुताबिक पांच से अधिक थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया गया।
लेकिन भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं थी। कुछ लोगों के दुकान के अंदर घुसने की कोशिश करने की सूचना भी सामने आई, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
हल्का लाठीचार्ज, चोटों के आरोप
तनाव बढ़ने पर पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इस कार्रवाई में कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जिनमें नाबालिगों के घायल होने की भी बात कही जा रही है। लाठीचार्ज के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया।
जैन समाज का आरोप – एकतरफा कार्रवाई
जैन समाज के सदस्यों का कहना है कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण था और पुलिस ने बिना उकसावे के एकतरफा लाठीचार्ज किया। उनका आरोप है कि इससे समाज में आक्रोश और बढ़ गया है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति हिंसक होने की कगार पर थी और किसी बड़ी घटना को रोकने के लिए भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी था।
शहर में तनाव, पुलिस सतर्क
घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
