🔹 1. क्रेडिट ग्रोथ में तेजी
- बैंकों की लोन ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है
- रिटेल लोन, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मांग बढ़ी है
👉 इससे बैंकों की कमाई (Revenue) बढ़ने की उम्मीद बनी

🔹 2. NPA (खराब कर्ज) में कमी
- PSU बैंकों ने पिछले कुछ वर्षों में
NPA को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया है - रिकवरी और स्ट्रेस्ड एसेट समाधान बेहतर हुआ
✔️ कम NPA = ज्यादा मुनाफा + निवेशकों का भरोसा
🔹 3. सरकारी समर्थन और सुधार
- सरकार की ओर से PSU बैंकों को
कैपिटल सपोर्ट और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स मिले हैं - विलय (Merger) के बाद बैंकों की
ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ी है
👉 इससे PSU बैंक शेयरों को लॉन्ग टर्म मजबूती मिली
🔹 4. बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद
- निवेशकों को आने वाले तिमाही नतीजों (Q3/Q4) से
अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है - नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) स्थिर रहने के संकेत
📈 इसी उम्मीद में बैंकिंग शेयरों में खरीदारी देखी जा रही है
🔹 5. ब्याज दरों को लेकर स्थिरता
- RBI की ओर से फिलहाल
ब्याज दरों में बड़े बदलाव की आशंका कम है - इससे बैंकिंग सेक्टर को
प्लानिंग और प्रॉफिटेबिलिटी में सहूलियत मिलती है
🔹 6. PSU बैंक शेयरों में वैल्यूएशन आकर्षक
- कई PSU बैंक अभी भी
प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सस्ते वैल्यूएशन पर हैं - वैल्यू इन्वेस्टर्स और FII/DII की रुचि बढ़ी
📊 बाजार में असर
✔️ बैंक निफ्टी में मजबूती
✔️ Sensex और Nifty को मजबूत सपोर्ट
✔️ PSU बैंक इंडेक्स में आउटपरफॉर्मेंस
📝 निष्कर्ष
👉 बैंकिंग और PSU बैंक शेयरों का मजबूत प्रदर्शन
मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, कम NPA, सरकारी समर्थन और
अच्छे नतीजों की उम्मीद का नतीजा है।
