रायपुर। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर आज दिल्ली में अहम राजनीतिक मंथन होने जा रहा है। राष्ट्रीय संगठन के बुलावे पर प्रदेश से पांच प्रमुख महिला नेत्रियां दिल्ली पहुंचेंगी, जहां महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा समेत वरिष्ठ नेताओं की एक कमेटी उनके साथ साक्षात्कार करेगी।

इन नेत्रियों से होगा इंटरव्यू
आज होने वाले साक्षात्कार में जिन पांच दावेदारों को बुलाया गया है, उनमें—
- संगीता सिन्हा (विधायक)
- छन्नी साहू (पूर्व विधायक)
- लक्ष्मी ध्रुव (पूर्व विधायक)
- ममता चंद्राकर (पूर्व विधायक)
- तुलिका कर्मा (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष)
शामिल हैं। साक्षात्कार के दौरान प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की स्थिति और महिला कांग्रेस की भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद महिला कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सदस्यता अभियान बना चयन का प्रमुख आधार
राज्य से इन पांच नेत्रियों के चयन का मुख्य आधार महिला कांग्रेस संगठन के सदस्यता अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी और प्रदर्शन रहा है। संगठनात्मक रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी नेत्रियों का परफॉर्मेंस प्रदेश स्तर पर बेहतर माना गया, जिसके आधार पर इन्हें इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया है।
इसके साथ ही वर्तमान या पूर्व जनप्रतिनिधि होना भी चयन का एक अहम मापदंड रहा है। माना जा रहा है कि इन सभी को प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं का भी समर्थन हासिल है।
तुलिका कर्मा को बाहरी राज्यों में प्रदर्शन का फायदा
सूत्रों के अनुसार तुलिका कर्मा को झारखंड और ओडिशा में आब्जर्वर के रूप में बेहतर संगठनात्मक प्रदर्शन का लाभ मिला है, जिसके चलते उनका नाम मजबूत दावेदारों में शामिल किया गया है।
जातीय समीकरण भी होंगे अहम
महिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद अब तक आदिवासी कोटे में रहा है, लेकिन इस बार ओबीसी समीकरण मजबूत नजर आ रहा है।
- युवा कांग्रेस और एनएसयूआई जैसे मोर्चा संगठनों में पहले ही सामान्य वर्ग को मौका दिया जा चुका है
- इसी संतुलन के तहत महिला कांग्रेस में इस बार पिछड़ा वर्ग को जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है
बताया जा रहा है कि सभी पांचों दावेदार जातीय समीकरणों में भी फिट बैठती हैं, जिससे संगठन को सामाजिक संतुलन साधने में मदद मिल सकती है।
पुराना प्रस्ताव अब भी लंबित
दावेदारों में शामिल संगीता सिन्हा बालोद क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई हैं। वहीं छन्नी साहू, लक्ष्मी ध्रुव और ममता चंद्राकर पूर्व विधायक रह चुकी हैं।
खास बात यह है कि छन्नी साहू के नाम का प्रस्ताव करीब एक साल पहले पीसीसी द्वारा एआईसीसी को भेजा गया था, लेकिन वह प्रस्ताव अब तक लंबित है। ऐसे में आज होने वाला मंथन उनके लिए भी निर्णायक माना जा रहा है।
आज का फैसला संगठन के लिए अहम
कुल मिलाकर, आज दिल्ली में होने वाली यह बैठक और साक्षात्कार छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस के भविष्य और संगठनात्मक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर दिनभर हलचल बनी रहने की संभावना है।
