राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की 36 एक्टिवा गाड़ियां भी बरामद की गई हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही एक्टिवा चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया था।
तकनीकी जांच, मुखबिर सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि यह गिरोह अलग-अलग इलाकों से एक्टिवा चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने और कम दामों में बेचने का काम करता था।
36 चोरी की गाड़ियां बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 36 एक्टिवा वाहन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 19 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। चोरी के इन वाहनों को अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा गया था, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में
चोरी करने वाले मुख्य आरोपी,
चोरी के वाहन खपाने वाले,
और चोरी की गाड़ियां खरीदने वाले आरोपी भी शामिल हैं।
इस तरह पुलिस ने पूरे नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल की है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई दोपहिया वाहन चोरी के संगठित गिरोह पर एक बड़ा प्रहार है। इस गिरोह की वजह से शहर में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिस पर अब प्रभावी अंकुश लगाया गया है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि आगे भी ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन इलाकों से जुड़े हो सकते हैं। वहीं, बरामद की गई गाड़ियों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
