नई दिल्ली।
इस बार 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में ऐतिहासिक और खास होने जा रही है। यह परेड ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार आयोजित हो रही है, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया था।

इस वर्ष परेड की थीम है—
👉 ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष
👉 ‘आत्मनिर्भर भारत’
परेड में पहली बार ‘फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन’ दिखाया जाएगा, यानी युद्ध के दौरान हथियारों और सिस्टम का इस्तेमाल जिस क्रम में होता है, उसी तरह का लाइव प्रदर्शन। इस परेड का मुख्य आकर्षण होंगे 7 स्वदेशी हथियार और सैन्य सिस्टम, जो भविष्य की लड़ाइयों में दुश्मन के लिए काल साबित हो सकते हैं।
🔥 1. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
भारत-रूस की संयुक्त ताकत
- रेंज: 300 किमी (एक्सटेंडेड वर्जन में और ज्यादा)
- स्पीड: मैक 3 से अधिक (ध्वनि की गति से 3 गुना तेज)
- खासियत: रैमजेट इंजन, फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक
ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के नूर खान एयर बेस को सटीक निशाने से तबाह कर दिया था। यह दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। परेड में इसका लॉन्चर या मॉडल दिखाया जाएगा।
💣 2. 155 मिमी/52 कैलिबर स्वदेशी तोप
बोफोर्स के बाद भारत की सबसे बड़ी तोप
- निर्माता: DRDO, टाटा, महिंद्रा, भारत फोर्ज
- रेंज: 48 किमी तक
- खासियत: हर तरह के इलाके में तैनाती, पोखरण में सफल परीक्षण
अगले 1.5 साल में यह तोप सेना में शामिल होगी। कुल 1500 तोपें सेना को मिलेंगी। परेड में इसका दमदार प्रदर्शन होगा।
🛸 3. ड्रोन शक्ति – ‘ईगल प्रहार’
ड्रोन और काउंटर-ड्रोन की नई ताकत
- स्वार्म ड्रोन
- मौके पर ही ड्रोन रिपेयर
- सर्विलांस और अटैक क्षमता
ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव के बाद भारतीय सेना ने ड्रोन वॉरफेयर पर जोर बढ़ाया है। अब सेना की कई यूनिट में ड्रोन शक्ति सिस्टम एक्टिव है। परेड में इसका लाइव हिस्सा दिखेगा।
🚀 4. MR-SAM (मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल)
हवाई हमलों की ढाल
- विमान, हेलिकॉप्टर, मिसाइल और ड्रोन को मार गिराने में सक्षम
- वर्टिकल लॉन्च सिस्टम
- एक साथ कई टारगेट पर हमला
ऑपरेशन सिंदूर में इस सिस्टम ने पाकिस्तान के सैकड़ों हवाई हमलों को नाकाम किया। परेड में MR-SAM सिस्टम प्रमुख आकर्षण रहेगा।
🛡️ 5. आकाश मिसाइल सिस्टम और आकाश तीर
पश्चिमी मोर्चे की सुरक्षा कवच
- रेंज: करीब 27 किमी
- एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना
- मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल
ऑपरेशन सिंदूर में आकाश सिस्टम ने पाकिस्तानी विमान, मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया। इसी ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए गए। परेड में आकाश की ताकत फिर दिखेगी।
⚔️ 6. दिव्यास्त्र बैटरी और शक्तिबाण रेजिमेंट
सेना का आक्रामक ट्रांसफॉर्मेशन
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना को और घातक बनाने की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है।
उम्मीद है कि अक्टूबर 2026 तक—
- 5 भैरव बटालियन
- 5 दिव्यास्त्र बैटरी
- 3 शक्तिबाण रेजिमेंट
- हर इन्फेंट्री बटालियन में ड्रोन प्लाटून
यह सब भविष्य के तकनीकी युद्धों की तैयारी का हिस्सा है।
🤖 7. रोबोटिक म्यूल्स
भविष्य के सैनिक
- कुत्ते जैसे दिखने वाले रोबोट
- सामान ढोने में सक्षम
- दुश्मन की पहचान और निगरानी
- पहाड़ी इलाकों में बेहद कारगर
ये रोबोटिक म्यूल्स परेड रिहर्सल में भी नजर आ चुके हैं। आने वाले समय में ये सैनिकों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
✈️ अन्य बड़े आकर्षण
- 29 एयरक्राफ्ट का भव्य फ्लाई-पास्ट
- भैरव कमांडो का प्रदर्शन
- राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां (टेबलॉ)
🇮🇳 निष्कर्ष
77वीं गणतंत्र दिवस परेड सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि भारत की सैन्य ताकत, स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत का जीवंत प्रदर्शन होगी।
ब्रह्मोस, आकाश, MR-SAM और ड्रोन शक्ति जैसे हथियार यह साफ संदेश देंगे कि—
👉 अगर जंग हुई, तो भारत दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
