फोनपे एप बंद होने के बाद खुला राज, तोरवा थाने में मामला दर्ज
बिलासपुर। तोरवा थाना क्षेत्र में मोबाइल हैकिंग और डिजिटल पेमेंट फ्रॉड का एक गंभीर मामला सामने आया है। अज्ञात ठगों ने एक रेलवे कर्मचारी के बैंक खाते से 1 लाख 14 हजार 997 रुपये की अवैध निकासी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

👤 कौन है पीड़ित?
- नाम: मो. मोइनुल हक
- पता: कासिमपारा मस्जिद के पास, तोरवा
- पद: ट्रेन मैनेजर, रेलवे विभाग
- पीड़ित का एयरटेल मोबाइल नंबर भारतीय स्टेट बैंक, शाखा तोरवा जगमल चौक के खाते से लिंक है
📅 कैसे सामने आया धोखाधड़ी का मामला?
पीड़ित के अनुसार—
- 27 जनवरी को उनके मोबाइल में फोनपे एप अचानक काम करना बंद हो गया
- शुरुआत में उन्होंने इसे तकनीकी खराबी समझा
- 31 जनवरी को जब वे बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तब सच्चाई सामने आई
💰 खाते से कैसे-कैसे निकाली गई रकम?
जांच में सामने आया कि अलग-अलग तारीखों में कई बार पैसे निकाले गए—
- 27 जनवरी:
- ₹10,000 – दो बार
- ₹5,000 – एक बार
- 28 और 29 जनवरी:
- ₹5,000 – प्रत्येक दिन एक-एक बार
- 31 जनवरी:
- ₹10,000 – दो बार
- ₹5,000 – एक बार
- इसके अलावा:
- ₹19,999 – दो बार
- ₹9,999 – एक बार
- ₹5,000 – एक बार
➡️ इस तरह कुल ₹1,14,997 की अवैध निकासी की गई।
🕵️♂️ मोबाइल हैकिंग का शक
पीड़ित मो. मोइनुल हक का आरोप है कि—
- किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल हैक किया
- डिजिटल भुगतान माध्यमों का दुरुपयोग कर रकम निकाल ली गई
- उन्हें किसी भी ट्रांजेक्शन की तत्काल जानकारी नहीं मिली, जिससे ठगी का शक और गहरा गया
🚓 पुलिस जांच में जुटी, साइबर सेल सक्रिय
- पीड़ित की शिकायत पर तोरवा थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है
- पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है
- ट्रांजेक्शन डिटेल्स, मोबाइल गतिविधि और डिजिटल लॉग्स के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है
👉 यह मामला एक बार फिर बताता है कि डिजिटल भुगतान के दौर में सतर्कता बेहद जरूरी है। मोबाइल में अचानक ऐप बंद होना या ओटीपी/अलर्ट न आना भी साइबर फ्रॉड का संकेत हो सकता है।
