कवर्धा। जिले में सरकारी धान की कमी को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ ने माना कि बिना तथ्यात्मक पुष्टि के बयान देने से विभाग और शासन की छवि प्रभावित हुई है।

📌 क्या है पूरा मामला
वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान का भंडारण जिले के दो संग्रहण केंद्रों में किया गया था—
- बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र
- बघर्रा संग्रहण केंद्र
इन दोनों केंद्रों में करीब 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान रखा गया था।
जब धान का उठाव और मिलान किया गया, तब बड़ी गड़बड़ी सामने आई।
👉 कुल 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई
👉 अकेले बाजार चारभाठा केंद्र से 22 हजार क्विंटल धान गायब मिला
👉 इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है
📌 DMO का विवादित बयान
धान की कमी सामने आने के बाद DMO अभिषेक मिश्रा ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि—
- धान की कमी मौसम के असर से हुई
- चूहे, दीमक और कीड़ों ने धान को नुकसान पहुंचाया
- संग्रहण केंद्र प्रभारी को हटाने की कार्रवाई की गई
उनका यह बयान सामने आने के बाद मामला विवादों में आ गया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
📌 क्यों हुई निलंबन की कार्रवाई
रायपुर स्थित विभागीय प्रबंधन (एमडी कार्यालय) ने जांच के बाद कार्रवाई की।
👉 आदेश में कहा गया—
- DMO ने बिना तथ्यात्मक पुष्टि गलत जानकारी मीडिया को दी
- यह विपणन संघ कर्मचारी सेवा नियमावली की कंडिका-18 का उल्लंघन है
- इससे शासन और जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई
इसी आधार पर सेवा नियमावली की कंडिका 27(1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
📌 निलंबन के दौरान क्या व्यवस्था रहेगी
- DMO अभिषेक मिश्रा का मुख्यालय अब जिला विपणन कार्यालय बिलासपुर रहेगा
- उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) मिलेगा
📌 आगे क्या हो सकता है
इस पूरे मामले में धान की कमी की जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। यदि अनियमितता या लापरवाही साबित होती है तो आगे और प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
