रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित एक अहम बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक नक्सलवाद की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा रणनीति और बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे सीएम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास से रायपुर स्थित एक निजी होटल के लिए रवाना होंगे। यह होटल आज होने वाली सभी महत्वपूर्ण बैठकों का केंद्र रहेगा। मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक अलग-अलग सत्रों में होने वाली बैठकों में भाग लेंगे।
अमित शाह के साथ होगी हाई लेवल चर्चा
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी नक्सलवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इसमें मुख्य रूप से निम्न मुद्दों पर मंथन किया जाएगा—
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान सुरक्षा स्थिति
- सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन की समीक्षा
- नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने की रणनीति
- केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय
- संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना
इस बैठक को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
बस्तर के समग्र विकास पर भी होगा मंथन
बैठक में केवल सुरक्षा पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी। इसमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और स्थानीय लोगों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी रहेंगे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। उनके साथ गृह विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो जमीनी स्थिति और चल रही योजनाओं की जानकारी देंगे।
रात 9.30 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे
दिनभर बैठकों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रात 9.30 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे। इस बैठक के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और विकास योजनाओं को लेकर नए फैसले लिए जाने की संभावना है।
यह बैठक छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान और बस्तर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
