खरसिया के मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक ही परिवार के पिता, पुत्र और 9 माह की मासूम बच्ची भी शामिल हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और मुआवजे व कार्रवाई की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम किया गया। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और दबाव बनाने के आरोप भी लगे हैं। नीचे इस पूरे मामले का विस्तृत विवरण दिया गया है—
🔴 हादसे में 4 लोगों की मौत, एक ही परिवार तबाह
यह दर्दनाक हादसा 5 फरवरी को रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुआ था। प्लांट में पुराने टायरों को पिघलाकर काला तेल बनाया जाता है, जो सड़क निर्माण में उपयोग होता है। काम के दौरान फर्नेस खोलते ही उसमें जमा अत्यधिक गर्मी और दबाव अचानक बाहर निकल गया, जिससे पास में काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए।

इस हादसे में कुल 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। सभी को इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान एक-एक कर 4 लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में शामिल हैं—
- भूमि खड़िया (9 माह)
- शिव खड़िया (27 वर्ष) – भूमि के पिता
- साहेब लाल खड़िया (45 वर्ष) – परिवार के सदस्य
- इंदीवर (19 वर्ष)
भूमि, शिव और साहेब लाल एक ही परिवार के थे। इस घटना से पूरा परिवार उजड़ गया और गांव में शोक की लहर है।
⚠️ सुरक्षा में लापरवाही का आरोप
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। आरोपों के अनुसार—
- फर्नेस को पूरी तरह ठंडा किए बिना खोला गया
- मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए
- सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया
- प्लांट में जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था
इसी लापरवाही के कारण मजदूर आग और गर्म दबाव की चपेट में आ गए।
🏥 कई मजदूर अब भी गंभीर, रायपुर में इलाज जारी
घटना में घायल अन्य मजदूरों का इलाज रायपुर के Kalda Burns & Plastic Surgery Centre में चल रहा है। गंभीर घायलों में शामिल हैं—
- उदाशिनी खड़िया (25 वर्ष) – 30 से 40% झुलसी
- कौशल (25 वर्ष) – 70 से 80% झुलसे
- प्रिया (32 वर्ष) – 70 से 80% झुलसी
डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
🚧 ग्रामीणों का आक्रोश, हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम
हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी नाराजगी है। उन्होंने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इससे यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
💰 मुआवजे को लेकर विवाद
कंपनी प्रबंधन ने प्रत्येक मृतक के लिए ₹12 लाख मुआवजे की घोषणा की है, लेकिन परिजन इसे अपर्याप्त बता रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं—
- प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹50 लाख मुआवजा
- परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी
- घायलों का पूरा इलाज खर्च कंपनी द्वारा उठाया जाए
- पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था हो
⚖️ FIR दर्ज, दबाव बनाने के गंभीर आरोप
घटना के बाद प्लांट प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधन FIR वापस लेने और बयान बदलने के लिए दबाव बना रहा है। पीड़ित परिवारों ने इस मामले की उच्चस्तरीय या न्यायिक जांच की मांग की है।
उनकी अन्य मांगों में शामिल हैं—
- दोषियों पर कड़ी आपराधिक कार्रवाई
- पीड़ित परिवारों को सुरक्षा
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
🏛️ प्रशासन का बयान – जल्द समाधान का आश्वासन
रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि हादसे में घायल 4 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और पीड़ित परिवारों से चर्चा जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिजनों की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।
📌 निष्कर्ष
मंगल कार्बन प्लांट का यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश है। अब सबकी नजर प्रशासन और सरकार की कार्रवाई पर है कि पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा कब तक मिलता है, और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
