रायपुर। छत्तीसगढ़ के अनुभवी साइकिलिस्ट सुरेश दुआ ने अपनी असाधारण सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए मात्र 5 दिनों में प्रतिष्ठित ‘सुपर रैंडोन्यूर’ (Super Randonneur – SR) खिताब हासिल कर इतिहास रच दिया है। वे छत्तीसगढ़ के पहले साइकिलिस्ट बन गए हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि लगातार पाँच दिनों में पूरी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

5 दिनों में पूरी की 1500 किमी की कठिन चुनौती
7 फरवरी से 11 फरवरी के बीच सुरेश दुआ ने ब्रेवेट रैंडोन्यूर मॉन्डो (BRM) की चार लंबी दूरी की राइड्स—600 किमी, 200 किमी, 300 किमी और 400 किमी—को सफलतापूर्वक पूरा किया। इन राइड्स का आयोजन रायपुर रैंडोन्यूर क्लब द्वारा किया गया था।
उन्होंने इन राइड्स को निर्धारित समय-सीमा से काफी पहले पूरा कर अपनी फिटनेस और अनुशासन का शानदार उदाहरण पेश किया। उनकी समय उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- 600 किमी – 26 घंटे 33 मिनट (7 फरवरी)
- 200 किमी – 8 घंटे 58 मिनट (9 फरवरी)
- 300 किमी – 13 घंटे 45 मिनट (10 फरवरी)
- 400 किमी – 17 घंटे 40 मिनट (11 फरवरी)
इन सभी राइड्स को पूरा करना अत्यंत कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें साइकिलिस्ट को लगातार लंबी दूरी तय करने के साथ शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखना होता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित खिताब
रैंडोन्यूर क्लब के आयोजक दीपांशु जैन के अनुसार, ‘सुपर रैंडोन्यूर’ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मान है, जिसे फ्रांस स्थित Audax Club Parisien द्वारा प्रदान किया जाता है। यह खिताब पाने के लिए साइकिलिस्ट को एक कैलेंडर वर्ष के भीतर 200 किमी, 300 किमी, 400 किमी और 600 किमी की ब्रेवेट श्रृंखला निर्धारित समय-सीमा में पूरी करनी होती है।
निर्धारित समय-सीमा इस प्रकार होती है:
- 200 किमी – 13.5 घंटे
- 300 किमी – 20 घंटे
- 400 किमी – 27 घंटे
- 600 किमी – 40 घंटे
सुरेश दुआ ने सभी दूरी तय समय से काफी पहले पूरी कर अपनी उत्कृष्ट क्षमता का प्रदर्शन किया।
पहले भी बना चुके हैं कई रिकॉर्ड
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2025 में सुरेश दुआ ने यही ब्रेवेट श्रृंखला 6 दिनों में पूरी की थी, जबकि इस बार उन्होंने 5 दिनों में इसे पूरा कर नया रिकॉर्ड बनाया है। अब तक वे कुल 12 बार सुपर रैंडोन्यूर का खिताब अपने नाम कर चुके हैं, जो उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और साइकिलिंग के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
एनआईटी रायपुर में कार्यरत, युवाओं के लिए प्रेरणा
सुरेश दुआ वर्तमान में एनआईटी रायपुर में कार्यरत हैं और टूर दे रायपुर साइकिलिंग क्लब के सक्रिय सदस्य हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के साइकिलिंग समुदाय के लिए प्रेरणादायक है।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से प्रदेश में साइकिलिंग खेल को नई पहचान मिलने की उम्मीद है और युवा खिलाड़ियों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
