एअर इंडिया पर नागरिक उड्डयन नियामक DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में लगभग 1 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई विमान सुरक्षा से जुड़े बेहद गंभीर नियमों की अनदेखी के कारण की गई है। यह मामला टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन के लिए एक और बड़ा नियामकीय झटका माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला
यह मामला नवंबर 2025 का है, जब एअर इंडिया ने खुद DGCA को जानकारी दी कि उसके एक एयरबस A320 नियो विमान का एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) समाप्त हो चुका था।
एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट क्या होता है?
यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि विमान उड़ान के लिए पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से फिट है। बिना इस प्रमाणपत्र के विमान उड़ाना सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
लेकिन जांच में सामने आया कि:
- 24 और 25 नवंबर 2025 को
- इस एक्सपायर सर्टिफिकेट वाले विमान को
- कुल 8 व्यावसायिक उड़ानों (Revenue Sectors) में इस्तेमाल किया गया
यह सीधे तौर पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था।
DGCA ने क्या कहा
DGCA ने अपने आदेश में कहा कि:
- एयरलाइन ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया
- यह चूक विमान यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी
- इस तरह की लापरवाही से एयरलाइन पर यात्रियों का भरोसा कम होता है
जांच पूरी होने के बाद DGCA ने एअर इंडिया पर 1.10 लाख डॉलर (लगभग 1 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया।
टाटा ग्रुप के अधिग्रहण के बाद भी लगातार कार्रवाई
जब से टाटा समूह ने 2022 में एअर इंडिया का स्वामित्व संभाला है, तब से एयरलाइन अपनी सेवाओं में सुधार करने की कोशिश कर रही है।
लेकिन इसके बावजूद कई मामलों में नियमों का उल्लंघन सामने आया है, जैसे:
- पायलट ट्रेनिंग में कमी
- तकनीकी खामियां
- क्रू मेंबर्स से जुड़े मुद्दे
- सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन न करना
इन कारणों से DGCA पहले भी एअर इंडिया पर कई बार जुर्माना लगा चुका है।
एअर इंडिया की सफाई
एअर इंडिया ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा:
- हमने खुद DGCA को इस गलती की जानकारी दी थी
- कंपनी ने आंतरिक जांच की
- सभी तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कमियों को ठीक कर लिया गया है
- सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट DGCA को सौंप दी गई है
एयरलाइन ने कहा कि अब ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए सिस्टम मजबूत किया गया है।
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
सुरक्षा नियमों को लेकर सख्ती इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि पिछले साल अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें:
- 270 लोगों की मौत हुई
- यह भारत के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक था
इस घटना के बाद DGCA ने सभी एयरलाइंस पर निगरानी और सख्त कर दी है।
क्या हो सकता है असर
इस कार्रवाई के बाद एअर इंडिया के सामने कई चुनौतियां हैं:
- एयरलाइन की सुरक्षा विश्वसनीयता पर असर
- रेगुलेटरी निगरानी और बढ़ेगी
- संचालन और तकनीकी प्रक्रियाओं को और मजबूत करना होगा
- यात्रियों का भरोसा बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी
निष्कर्ष
एअर इंडिया पर लगा यह जुर्माना केवल वित्तीय दंड नहीं है, बल्कि यह विमानन सुरक्षा नियमों के महत्व का बड़ा संदेश है। DGCA ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टाटा समूह के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती एयरलाइन की सुरक्षा और विश्वसनीयता को पूरी तरह बहाल करना है।
