रायपुर में प्रदेश कांग्रेस ने गृह विभाग की उपलब्धियों पर सवाल खड़े करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले दो वर्षों में बताई गई उपलब्धियां जमीनी हकीकत से मेल नहीं खातीं।

कांग्रेस का आरोप – उपलब्धियां केवल कागजी
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि गृह विभाग द्वारा प्रस्तुत की गई उपलब्धियां “कागजी और मनगढ़ंत” हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, लेकिन इस विषय पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।
गृहमंत्री पर सीधा हमला
कांग्रेस ने राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने दो साल की उपलब्धियों में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर कोई ठोस आंकड़े पेश नहीं किए।
कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक बार जनता कानून व्यवस्था के विरोध में सड़कों पर उतरी और कई जगह हिंसक आंदोलन की स्थिति बनी। इसे सरकार की विफलता का संकेत बताया गया।
बांग्लादेशी नागरिकों के मुद्दे पर सवाल
कांग्रेस ने गृहमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने 32 बांग्लादेशी नागरिकों को प्रदेश से बाहर निकाले जाने का दावा किया था।
शुक्ला ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार घुसपैठियों को पकड़ने की बात कर रही है, वहीं केंद्र की भारत सरकार और भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली मोदी सरकार यह कहती है कि देश में कोई घुसपैठिया नहीं है।
कांग्रेस ने सवाल किया कि यदि केंद्र का दावा सही है तो राज्य सरकार किस आधार पर 32 लोगों को बांग्लादेशी बता रही है? और यदि राज्य का दावा सही है तो फिर यह केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता क्यों नहीं मानी जाए?
केंद्र सरकार की भूमिका पर भी प्रश्न
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है। ऐसे में यदि देश के “हृदय स्थल” कहे जाने वाले राज्यों तक घुसपैठिये पहुंच रहे हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से स्पष्ट नीति और पारदर्शी जानकारी देने की मांग की है, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं सरकार अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रख रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है।
