छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित नर्मदा ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में मंगलवार सुबह आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा। यह फैक्ट्री सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है और यहां Coca‑Cola के विभिन्न पेय उत्पादों का निर्माण किया जाता है। आयकर विभाग की इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

सुबह अचानक पहुंची आयकर विभाग की टीम
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की करीब 6 सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह अचानक सिरगिट्टी स्थित नर्मदा ड्रिंक्स फैक्ट्री पहुंची। टीम ने फैक्ट्री परिसर में प्रवेश कर तुरंत जांच शुरू कर दी।
- अधिकारियों ने फैक्ट्री के ऑफिस, अकाउंट सेक्शन और रिकॉर्ड रूम की जांच की।
- कंपनी से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य जरूरी फाइलों को खंगाला जा रहा है।
- जांच के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़ी हुई है। आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि:
- कंपनी द्वारा घोषित आय और वास्तविक आय में कोई अंतर तो नहीं है
- टैक्स चोरी या अनियमित वित्तीय लेन-देन तो नहीं हुआ है
- कंपनी के खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेज सही हैं या नहीं
जांच के दौरान अधिकारियों द्वारा कंप्यूटर डेटा, अकाउंट बुक और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
अन्य राज्यों में भी कार्रवाई की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग ने सिर्फ बिलासपुर ही नहीं बल्कि नर्मदा ड्रिंक्स से जुड़े अन्य राज्यों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई एक बड़े स्तर की जांच का हिस्सा मानी जा रही है।
इससे संकेत मिलता है कि आयकर विभाग कंपनी के पूरे नेटवर्क और वित्तीय गतिविधियों की व्यापक जांच कर रहा है।
फैक्ट्री के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई
जांच के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए फैक्ट्री के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
- बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है
- फैक्ट्री परिसर में सिर्फ अधिकृत अधिकारियों और कर्मचारियों को ही आने-जाने की अनुमति दी जा रही है
जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे अहम तथ्य
फिलहाल आयकर विभाग की जांच जारी है और अधिकारी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कंपनी द्वारा किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या टैक्स चोरी की गई है या नहीं।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ी और महत्वपूर्ण आयकर जांच मानी जा रही है, जिस पर उद्योग जगत और प्रशासन की नजर बनी हुई है।
