रायपुर। बजट सत्र के दौरान सदन में प्रदेश में बढ़ती ड्रग तस्करी को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान बहुचर्चित ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम जोरदार तरीके से उठा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।
❓ भूपेश बघेल ने क्या उठाया सवाल?
भूपेश बघेल ने कहा कि:
- सरकार द्वारा सदन में प्रस्तुत अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों की सूची में नव्या मलिक का नाम शामिल नहीं है।
- जबकि नव्या मलिक का मामला प्रदेश में काफी चर्चित रहा है।

उन्होंने सरकार से सीधे पूछा:
- आरोपियों की सूची से नव्या मलिक का नाम क्यों गायब है?
- क्या जानबूझकर नाम छुपाया गया?
- इस चूक के लिए जिम्मेदार कौन है?
- क्या संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाएगी?
भूपेश बघेल ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि सदन को अधूरी जानकारी देना उचित नहीं है।
🗣️ मंत्री का जवाब
सवाल के जवाब में संबंधित मंत्री ने कहा:
“मुझे इसकी जानकारी नहीं है, परीक्षण (जांच) करा लेंगे।”
मंत्री के इस जवाब पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि सदन में दी जाने वाली जानकारी पूरी और सटीक होनी चाहिए।
🔎 क्यों है मामला अहम?
- ड्रग तस्करी का मुद्दा पहले से ही प्रदेश में संवेदनशील है।
- अंतर्राज्यीय नेटवर्क की बात सामने आने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
- यदि किसी चर्चित आरोपी का नाम आधिकारिक सूची में नहीं है, तो इससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
यह भी चर्चा रही कि क्या यह केवल तकनीकी त्रुटि है या फिर सूची तैयार करने में लापरवाही हुई है।
⚖️ राजनीतिक असर
सदन में इस मुद्दे के उठने के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।
आने वाले दिनों में यदि इस मामले में विस्तृत जांच होती है, तो यह राजनीतिक रूप से और तूल पकड़ सकता है।
