रायपुर। प्रदेश के सौ से अधिक पुनर्वासित पूर्व नक्सली आज छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे। इसे राज्य के नक्सल पुनर्वास कार्यक्रम के तहत एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
गृह मंत्री Vijay Sharma ने कहा कि जो लोग कभी भारत के संविधान को नहीं मानते थे, आज वे लोकतंत्र के मंदिर—विधानसभा—में बैठकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझेंगे। यह पहली बार है जब आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों को सदन की कार्यवाही देखने का अवसर दिया जा रहा है।

🏛️ मुख्यधारा से जुड़ने की पहल
गृह मंत्री ने बताया कि:
- पूर्व नक्सलियों को उनके सरकारी निवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया गया।
- रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया गया।
- कई लोगों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनके पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक स्थिति की जानकारी ली गई।
उन्होंने कहा कि ये सभी अब समाज की मुख्यधारा में हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खड़े हैं।
🌾 होली से पहले किसानों को बड़ी राहत
गृह मंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की कि होली से पहले 24 लाख किसानों के खातों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की राशि जारी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में यह राशि किसानों को प्रदान की जाएगी, जिससे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
🗣️ पूर्व मुख्यमंत्री पर पलटवार
सदन में जवाब नहीं देने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel पर निशाना साधा।
- उन्होंने कहा कि कस्टोडियल डेथ की संख्या 66 बताई गई है।
- पूर्ववर्ती सरकार के समय यह संख्या 70-90 तक होती थी।
- सूची नहीं देने के आरोप को उन्होंने निराधार बताया।
गृह मंत्री ने “नव्या मलिक” मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर की श्रेणी में वही नाम शामिल होते हैं जिन पर एक से अधिक एफआईआर दर्ज हों। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एक ही एफआईआर दर्ज होने के कारण नाम सूची में शामिल नहीं किया गया।
⚖️ राजनीतिक महत्व
यह घटनाक्रम तीन स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- नक्सल पुनर्वास नीति को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास
- किसानों को वित्तीय सहायता के जरिए ग्रामीण सशक्तिकरण का संदेश
- सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की तेज होती बहस
पूर्व नक्सलियों का विधानसभा भ्रमण प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश देता है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताने वालों के लिए सरकार अवसर और सम्मान दोनों देने को तैयार है।
