बिलासपुर जिले के रहंगी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रवास के दौरान आयोजित कार्यक्रम में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। भाजपा कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी बहस होने से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि बाद में नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
🔹 क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए कुछ भाजपा कार्यकर्ता मंच की ओर बढ़ रहे थे। उसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों ने उन्हें निर्धारित सुरक्षा घेरे से आगे जाने से रोक दिया।
- सुरक्षाकर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला दिया।
- कार्यकर्ताओं ने स्वागत का अधिकार बताते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की।
- इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई।
- कुछ ही मिनटों में बहस तेज हो गई और माहौल गरमा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच आवाज ऊंची होने से कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई।

🔹 नेताओं के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
- कार्यकर्ताओं को समझाइश दी गई।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की गई।
- कुछ देर की बातचीत के बाद मामला शांत हो गया।
इसके बाद कार्यक्रम नियत समय से थोड़ी देरी से, लेकिन शांतिपूर्वक शुरू हो सका।
🔹 मुख्यमंत्री किस कार्यक्रम में पहुंचे थे?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहंगी में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
- ₹263 करोड़ से अधिक लागत के 89 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास
- सड़क निर्माण
- पुल
- अस्पताल
- सिंचाई परियोजनाएं
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन
- प्रदेश के 24.28 लाख किसानों के खातों में ₹10,324 करोड़ की राशि अंतरित करना
यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जानी है, जिसे राज्य सरकार किसानों के हित में बड़ा कदम बता रही है।
🔹 सुरक्षा व्यवस्था क्यों थी कड़ी?
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए:
- बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था।
- वीआईपी मूवमेंट के चलते मंच और आगंतुक क्षेत्र अलग-अलग निर्धारित थे।
- बिना अनुमति मंच क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित था।
इसी सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर विवाद की स्थिति बनी।
🔹 राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्व
यह कार्यक्रम विकास कार्यों और किसान हित योजनाओं की घोषणा के कारण महत्वपूर्ण था। हालांकि शुरुआती हंगामे ने कुछ समय के लिए माहौल प्रभावित किया, लेकिन प्रशासन और पार्टी नेतृत्व की त्वरित कार्रवाई से स्थिति संभल गई।
निष्कर्ष
घटना ने यह स्पष्ट किया कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा और उत्साही कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। राहत की बात यह रही कि मामला बढ़ा नहीं और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
