प्रदेश में आज से 7 मार्च तक जन औषधि सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “जन औषधि : सस्ती भी, भरोसेमंद भी” रखी गई है। सप्ताहभर राज्य के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
💊 क्या है जन औषधि सप्ताह का उद्देश्य?
यह अभियान केंद्र सरकार की Pradhan Mantri Bharatiya Janaushadhi Pariyojana के तहत संचालित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य है:
- आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना
- ब्रांडेड दवाओं की तुलना में कम कीमत पर समान प्रभाव वाली दवाओं की जानकारी देना
- स्वास्थ्य सेवाओं तक आमजन की पहुंच आसान बनाना
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाना

🏥 सप्ताहभर होंगे ये कार्यक्रम
जन औषधि सप्ताह के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
- ✔️ स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
- ✔️ ब्लड प्रेशर, शुगर सहित अन्य जांच की मुफ्त सुविधा
- ✔️ जन औषधि केंद्रों में उपलब्ध दवाओं की जानकारी
- ✔️ जागरूकता रैली, संगोष्ठी और प्रचार कार्यक्रम
- ✔️ मरीजों और आम नागरिकों को जेनेरिक दवाओं के फायदे समझाना
इन आयोजनों का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि कम कीमत का मतलब कम गुणवत्ता नहीं होता।
🚶♂️ रायपुर में विशेष कार्यक्रम
राजधानी Raipur में इस अवसर पर विशेष आयोजन किए जाएंगे:
- 📅 6 मार्च – जन औषधि पदयात्रा निकाली जाएगी
- 📅 7 मार्च – राज्य स्तरीय जन औषधि दिवस कार्यक्रम आयोजित होगा
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होंगे।
📌 क्यों जरूरी है यह अभियान?
आज के समय में बढ़ती महंगी दवाओं के बीच जन औषधि केंद्र आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं। यहां उपलब्ध जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक सस्ती होती हैं।
जन औषधि सप्ताह का उद्देश्य लोगों में विश्वास जगाना है कि ये दवाएं गुणवत्ता में बेहतर और कीमत में किफायती हैं।
यह सप्ताह प्रदेश में स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा देने के साथ-साथ आमजन को सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
