Raipur में कांग्रेस के बड़े प्रदर्शन और विधानसभा घेराव को लेकर राजनीति तेज हो गई है। पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं 👇
🔴 क्या है पूरा मामला?
- कांग्रेस ने कई मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव किया:
- मनरेगा का नाम बदलने का विरोध
- गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें
- किसानों को खाद (DAP) की कमी
- बेरोजगारी और महंगाई
- प्रदेश में बढ़ते अपराध और जंगल कटाई
- घेराव से पहले भारत माता चौक पर बड़ी सभा आयोजित हुई
- इसमें प्रमुख नेता शामिल रहे:
- Bhupesh Baghel
- Sachin Pilot
- Charan Das Mahant
- Deepak Baij
🗣️ भूपेश बघेल का सरकार पर हमला
- Bhupesh Baghel ने केंद्र सरकार और Narendra Modi पर तीखा हमला बोला
- मुख्य आरोप:
- “56 इंच की बात करने वाली सरकार किसानों को DAP खाद तक नहीं दे पा रही”
- गैस सिलेंडर की कीमतें ₹2500 तक पहुंचने का आरोप
- मनरेगा को कमजोर करने का आरोप
- उन्होंने कहा:
- गरीबों के अधिकार छीने जा रहे हैं
- मजदूरी भुगतान प्रणाली बदली जा रही है.

⚠️ विवादित बयान भी चर्चा में
- बघेल ने प्रधानमंत्री पर तीखी टिप्पणी करते हुए:
- “नाम पनौती रखना चाहिए” जैसे बयान दिए
- साथ ही अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को जोड़ते हुए भी बयान दिए, जो राजनीतिक विवाद का कारण बन सकते हैं
🧑🌾 बस्तर और किसानों के मुद्दे
- बस्तर क्षेत्र को लेकर गंभीर आरोप:
- आदिवासी महिलाओं के साथ अपराध
- अवैध गतिविधियों और अफीम खेती का मुद्दा
- भाजपा नेताओं पर भी आरोप लगाए गए
🗳️ चुनावी दावा
- बघेल ने कहा:
- 2028 और 2029 में कांग्रेस की सरकार बनेगी
- गरीबों और मजदूरों को उनका हक वापस मिलेगा
🗣️ चरणदास महंत का बयान
- Charan Das Mahant ने कहा:
- सरकार विरोध की आवाज दबा रही है
- विधानसभा और सड़कों पर बोलने नहीं दिया जा रहा
- बड़े उद्योगपतियों पर निशाना:
- Gautam Adani
- Mukesh Ambani
👉 आरोप:
- खदानें बड़े उद्योगपतियों को दी जा रही हैं
- गरीबों की अनदेखी हो रही है
🗣️ दीपक बैज का हमला
- Deepak Baij ने कहा:
- बिजली बिल बढ़े
- बेरोजगारी बढ़ी
- धान खरीदी में कमी
- अफीम खेती का मुद्दा
👉 आरोप:
- किसानों को धोखा दिया गया
- युवाओं के लिए नौकरियां नहीं
📊 कुल मिलाकर
यह प्रदर्शन:
- सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है
- कांग्रेस ने:
- महंगाई
- किसान
- रोजगार
- और सामाजिक मुद्दों को केंद्र में रखा
👉 वहीं, सरकार पर लगाए गए आरोपों और बयानों को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं
