रायपुर में होने जा रहे पहले खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ की मेजबानी में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित होने वाला यह बड़ा राष्ट्रीय खेल आयोजन राजधानी के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इस प्रतियोगिता में देशभर से आने वाले 1069 खिलाड़ी और ऑफिशियल्स शामिल होंगे, जिनके ठहरने की व्यवस्था रायपुर के 7 अलग-अलग होटलों में की गई है। इन होटलों में खासतौर पर वीआईपी रोड और आसपास के प्रमुख होटल शामिल हैं, जहाँ खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें केवल जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिताओं में स्विमिंग, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल और तीरंदाजी जैसे खेल शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से भी इस आयोजन में करीब 200 खिलाड़ियों का दल भाग लेगा, जिससे राज्य को घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
इस बार के ट्राइबल गेम्स की एक बड़ी खासियत यह भी है कि पहली बार लद्दाख की टीम भी इसमें भाग लेने के लिए रायपुर पहुंचेगी। इससे आयोजन का दायरा और भी व्यापक हो गया है और यह साबित करता है कि यह प्रतियोगिता अब देश के दूरस्थ और जनजातीय बहुल क्षेत्रों को भी एक साझा मंच पर ला रही है।
खिलाड़ियों के रायपुर पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। अरुणाचल प्रदेश की वेटलिफ्टिंग टीम 22 मार्च को रायपुर पहुंच गई थी, जबकि बाकी टीमों के भी 24 मार्च की सुबह तक राजधानी पहुंचने की संभावना जताई गई है। खिलाड़ियों की सुविधा और समन्वय को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन पर एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, ताकि आने-जाने, रिसीविंग, गाइडेंस और अन्य व्यवस्थाओं में किसी तरह की दिक्कत न हो।
करीब 10 दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन 25 मार्च को रायपुर में किया जाएगा। वहीं इसका समापन समारोह संभवतः अंबिकापुर में आयोजित किया जाएगा। इससे यह आयोजन सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में इसकी छाप देखने को मिलेगी।
गौरतलब है कि इसी साल स्कूल नेशनल के बाद राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाला यह दूसरा बड़ा खेल आयोजन है। ऐसे में प्रशासन, खेल विभाग और स्थानीय व्यवस्थाओं से जुड़े सभी विभाग इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। कुल मिलाकर, खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026 न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने का काम भी करेगा।
