रायपुर में रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत, गैस एजेंसियों में लंबी कतारों और कालाबाजारी के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध सिर्फ नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे लोगों का ध्यान खींचने वाला प्रतीकात्मक रूप भी दिया गया। शहर कांग्रेस के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तेलीबांधा तालाब में गैस सिलेंडर का प्रतीकात्मक विसर्जन किया। इस तरीके से कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि गैस सिलेंडर अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है और सरकार इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रही।

इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा था कि घरेलू गैस सिलेंडर लगातार महंगा होता जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि बढ़ती कीमतों ने आम घरों का बजट बिगाड़ दिया है। पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और रोजमर्रा के खर्चों से जूझ रही जनता के लिए गैस सिलेंडर लेना मुश्किल होता जा रहा है। रसोई गैस जैसी जरूरी चीज अगर महंगी हो जाए, तो उसका सीधा असर हर परिवार की रसोई पर पड़ता है। इसी बात को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरने की कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण गैस सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और इसका बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है। साथ ही कांग्रेस ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि वह गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है। उनका कहना था कि सिर्फ कीमत बढ़ना ही समस्या नहीं है, बल्कि समय पर सिलेंडर न मिलना और एजेंसियों में कृत्रिम कमी जैसी स्थिति भी लोगों को परेशान कर रही है।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि गैस एजेंसियों में लगातार लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लोग घंटों खड़े रहने के बाद भी सिलेंडर नहीं ले पा रहे। कई जगहों पर समय पर डिलीवरी नहीं हो रही, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किल और बढ़ गई है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और रोज कमाकर खाने वाले लोगों के लिए यह समस्या ज्यादा गंभीर है। उन्हें गैस की उपलब्धता के लिए बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रदर्शन में यह बात भी उठाई गई कि गरीब हो या अमीर, गैस सिलेंडर की समस्या से हर वर्ग परेशान है। कांग्रेस का कहना था कि यह अब सिर्फ किसी एक तबके का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि हर घर की परेशानी बन चुका है। रसोई गैस आज बुनियादी जरूरत है, लेकिन इसकी उपलब्धता और कीमत दोनों ही लोगों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के साथ “खिलवाड़” कर रही है और समस्या का समाधान करने के बजाय उसे नजरअंदाज कर रही है।
तैलीबांधा तालाब में सिलेंडर का प्रतीकात्मक विसर्जन इस विरोध प्रदर्शन का सबसे खास हिस्सा रहा। आम तौर पर विसर्जन किसी ऐसी चीज का किया जाता है जिसे त्यागने या खत्म मानने का प्रतीक माना जाए। कांग्रेस ने इसी प्रतीक का इस्तेमाल करते हुए यह दिखाने की कोशिश की कि गैस सिलेंडर अब आम आदमी के जीवन से “गायब” होता जा रहा है या उसकी पहुंच से बाहर हो रहा है। यह विरोध का एक ऐसा तरीका था, जिससे मीडिया और प्रशासन दोनों का ध्यान इस मुद्दे की ओर जाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द गैस वितरण व्यवस्था सुधारी जाए, एजेंसियों में लंबी कतारों की समस्या खत्म की जाए और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उनका कहना था कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आम जनता का गुस्सा और बढ़ेगा।
इस विरोध प्रदर्शन में कई स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें सुजीत सिंह, अजीत कुकरेजा, हीरेंद्र देवांगन, अविनय दुबे, महेंद्र कुमार सेन, वेंकट कुमार, मंगल सिंह, जसमीत सिंह, गजेंद्र साहू, राजू यादव, सुरेश बुधवानो और राधे नायक सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उनकी मौजूदगी से यह साफ हुआ कि कांग्रेस इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर बड़ा जनसरोकार बनाकर उठाना चाहती है।
सीधी भाषा में देखें तो यह प्रदर्शन सिर्फ एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि महंगाई, गैस संकट और कालाबाजारी के खिलाफ जनता की परेशानी को मुद्दा बनाने की कोशिश है। कांग्रेस यह दिखाना चाहती है कि गैस सिलेंडर अब आम आदमी के लिए राहत नहीं, बल्कि चिंता का विषय बन गया है।
इस खबर का सार एक लाइन में:
गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत, कमी और कालाबाजारी के खिलाफ रायपुर में कांग्रेस ने तैलीबांधा तालाब में सिलेंडर का प्रतीकात्मक विसर्जन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
