छत्तीसगढ़ में 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। राजधानी रायपुर में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
🔴 कांग्रेस का भाजपा पर गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने पेपर लीक मामले में भाजपा नेताओं की संलिप्तता का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि:
- उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में भी पेपर लीक के मामले सामने आए हैं
- इससे संकेत मिलता है कि इस तरह की घटनाओं में राजनीतिक सांठ-गांठ हो सकती है

⏳ जांच पर उठाए सवाल
विकास उपाध्याय ने कहा कि:
- पेपर लीक को एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है
- छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई
- इसके बावजूद अब तक एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ
👉 उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई नहीं होने के पीछे राजनीतिक दबाव हो सकता है।
🎓 शिक्षा व्यवस्था पर भी निशाना
कांग्रेस नेता ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए:
- स्वामी आत्मानंद स्कूलों में फीस बढ़ाने का मुद्दा उठाया
- दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय:
- छात्रों को ड्रेस और अन्य सुविधाएं मिलती थीं
- लेकिन अब:
- शिक्षकों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा
- बजट की कमी है
- नर्सरी और पीपी-1 कक्षाएं बंद की जा रही हैं
👉 उन्होंने कहा कि सरकार नई योजनाएं लाकर सिर्फ वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है।
🏥 आयुष्मान योजना पर भी सवाल
आयुष्मान भारत योजना को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई:
- निजी अस्पताल इसे व्यवसाय बना रहे हैं
- समय पर भुगतान न मिलने से अस्पताल योजना से दूरी बना रहे हैं
- इसका सीधा असर आम जनता के इलाज पर पड़ रहा है
🛡️ सुरक्षा और नक्सलवाद पर बयान
उन्होंने संतोष पांडेय के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी:
- कहा कि अगर नक्सलवाद खत्म हो गया है, तो नेताओं को Z+ सुरक्षा क्यों दी जा रही है?
- भाजपा नेताओं पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया
🔍 कुल मिलाकर
हिंदी पेपर लीक मामला अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। कांग्रेस ने जहां भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
