क्यों अहम है 13 अप्रैल?
13 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।
इस दिन NC-JCM (नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) की ड्राफ्टिंग कमेटी बैठक करेगी।
👉 इस बैठक में उस मेमोरेंडम (प्रस्ताव) को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो आगे 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा।

💰 फिटमेंट फैक्टर पर सबसे बड़ी चर्चा
- कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांग:
👉 फिटमेंट फैक्टर 3.25 या उससे ज्यादा किया जाए
🔍 फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
- यह एक मल्टीप्लायर फॉर्मूला है, जिससे बेसिक सैलरी तय होती है
- 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था
📈 अगर 3.25 हुआ तो असर:
- न्यूनतम वेतन में बड़ा उछाल
- सभी कर्मचारियों (निचले से उच्च स्तर तक) की सैलरी बढ़ेगी
🧾 DA (महंगाई भत्ता) मर्जर पर बड़ा फैसला संभव
- वर्तमान DA: करीब 58%
- जल्द 60% तक पहुंचने की संभावना
👉 चर्चा इस बात पर होगी कि DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए या नहीं
📊 अगर DA मर्ज होता है:
- ✔️ बेसिक सैलरी बढ़ेगी
- ✔️ HRA (हाउस रेंट अलाउंस) बढ़ेगा
- ✔️ TA (ट्रैवल अलाउंस) बढ़ेगा
- ✔️ ग्रेच्युटी में फायदा
- ✔️ पेंशन में भी बड़ा इजाफा
📝 मेमोरेंडम क्यों है अहम?
यह मेमोरेंडम ही तय करेगा:
- भविष्य का वेतन ढांचा
- भत्तों का सिस्टम
- कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ
👉 यानी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेस यही दस्तावेज होगा
👤 Shiv Gopal Mishra की भूमिका
- NC-JCM के सचिव ने आयोग को पत्र लिखकर
👉 9 नए अहम मुद्दे जोड़ने की मांग की है - ये मुद्दे 13 अप्रैल की बैठक में शामिल किए जाएंगे
⏳ आगे क्या होगा?
- 8वें वेतन आयोग को सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय मिलेगा
- इस दौरान:
- कर्मचारियों की मांगों की समीक्षा
- सरकार के साथ चर्चा
- अंतिम वेतन ढांचे का निर्धारण
📌 निष्कर्ष
👉 13 अप्रैल की बैठक से साफ हो जाएगा कि
- सैलरी कितनी बढ़ सकती है
- DA मर्ज होगा या नहीं
- और कर्मचारियों को कितना फायदा मिलेगा
📢 कुल मिलाकर, यह बैठक लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति बदलने वाली साबित हो सकती है।
