छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बिजली बिल बकाया की राशि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जिले में 27,899 उपभोक्ताओं पर कुल ₹60 करोड़ 57 लाख रुपए बकाया है। इस बढ़ते बकाए को देखते हुए बिजली विभाग ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए वसूली अभियान शुरू कर दिया है।

🔹 हाफ बिजली बिल योजना बंद होने के बाद बढ़ा बकाया
बिजली विभाग के मुताबिक, “हाफ बिजली बिल योजना” बंद होने के बाद से बड़ी संख्या में लोग बिल जमा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण बकायादारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
🔹 टीमें घर-घर पहुंचकर वसूली में जुटीं
विभाग ने विशेष वसूली अभियान शुरू किया है, जिसके तहत हर दिन 10 से 12 टीमें फील्ड में जाकर नोटिस दे रही हैं, कनेक्शन काट रही हैं और एफआईआर भी दर्ज कर रही हैं।
कई उपभोक्ताओं को चेतावनी दी गई है कि अगर बिल जमा नहीं किया गया तो
👉 कनेक्शन काटा जाएगा
👉 दोबारा जोड़ने का शुल्क भी देना होगा
👉 बकाया पर ब्याज भी बढ़ता रहेगा
📌 किस श्रेणी में कितने बकायेदार? (आंकड़े)
| बकाया राशि सीमा | उपभोक्ता संख्या | बकाया राशि |
|---|---|---|
| ₹1 लाख से अधिक | 93 उपभोक्ता | ₹1.33 करोड़ |
| ₹50,000 – ₹1 लाख | 1,453 उपभोक्ता | ₹9.31 करोड़ |
| ₹20,000 – ₹50,000 | 8,353 उपभोक्ता | ₹24.54 करोड़ |
| ₹2,000 – ₹20,000 | 18,000 उपभोक्ता | लगभग ₹25 करोड़ |
| कुल | 27,899 उपभोक्ता | ₹60 करोड़ 57 लाख |
🔹 कई बड़े उपभोक्ताओं पर केस दर्ज — मामला कोर्ट में लंबित
अब तक विभाग ने 93 बड़े उपभोक्ताओं पर कानूनी कार्रवाई की है। इनके खिलाफ मामला कोर्ट में है और उनसे लगभग ₹70 लाख रुपए की वसूली होनी है।
🔥 कनेक्शन काटना शुरू — रोजाना दर्जनों लाइनें डिस्कनेक्ट
विभाग के आदेश अनुसार अब जो बिल नहीं भरेंगे, उनका कनेक्शन तुरंत काटा जा रहा है।
हर दिन 12–15 कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
📍 जिले में कितनी टीमें काम कर रहीं?
| क्षेत्र | टीमें |
|---|---|
| घरघोड़ा | 2 |
| धरमजयगढ़ | 3 |
| लैलूंगा | 2 |
| गेरवानी, पूंजीपथरा, KM Nagar और ग्रामीण क्षेत्र | 3 |
| रायगढ़ शहर Zone-1 | 2 |
| रायगढ़ शहर Zone-2 | 2 |
| कुल | 14 टीमें सक्रिय |
⚠️ संदेश उपभोक्ताओं के लिए
👉 समय पर बिल जमा करें
👉 ब्याज और जुर्माना बढ़ने से बचें
👉 कनेक्शन कटने और दोबारा जोड़ने की फीस से बचें
👉 कोर्ट केस की परेशानी से दूर रहें
निष्कर्ष
रायगढ़ में बिजली बिल बकाया तेजी से बढ़ रहा है, और अब विभाग वसूली को लेकर बेहद सख्त हो चुका है। ऐसे में उपभोक्ताओं के पास अब बिल जमा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
