छत्तीसगढ़ शासन ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को राज्य की सामाजिक नीति का केंद्रीय आधार बनाते हुए एक सुदृढ़ और भरोसेमंद सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से वृद्धजनों के लिए सुनियोजित, व्यापक और सतत योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना है।

बिना सीनियर सिटीजन कार्ड के योजनाओं का लाभ
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से “सीनियर सिटीजन कार्ड” की आवश्यकता नहीं है।
आधार कार्ड एवं अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से आयु और पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है।
इससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तेज हुई है, और सहायता समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच रही है।
यह कदम प्रशासनिक जटिलताओं को कम करने के साथ-साथ व्यवस्था को अधिक सुगम और भरोसेमंद बनाता है।
26 वृद्धाश्रम: सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन का सहारा
राज्य में वर्तमान में 26 वृद्धाश्रम संचालित हैं, जहां
निराश्रित और असहाय वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क आवास,
पौष्टिक भोजन, वस्त्र और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ये केंद्र उन बुजुर्गों के लिए सहारा बने हैं, जिनके पास पारिवारिक या सामाजिक समर्थन नहीं है। शासन का प्रयास है कि सामाजिक संवेदनशीलता के साथ इन सेवाओं का विस्तार हो।
13 प्रशामक गृह: गंभीर रूप से बीमार वृद्धजनों के लिए विशेष देखभाल
गंभीर बीमारियों से पीड़ित और बिस्तर पर आश्रित वरिष्ठ नागरिकों के लिए 13 प्रशामक गृह संचालित किए जा रहे हैं।
यहां निशुल्क आवास,
निरंतर देखभाल,
उपचार सहयोग और सहायक सेवाएं उपलब्ध हैं।
यह पहल अत्यंत संवेदनशील अवस्था में जीवन व्यतीत कर रहे वृद्धजनों को मानवीय और सम्मानजनक जीवन देने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
