रायपुर।
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्यभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के तहत आज से दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। यह चरण 19 जनवरी से 26 जनवरी तक चलेगा, जिसमें सांस्कृतिक, शैक्षणिक और जनभागीदारी से जुड़े कई आयोजन किए जाएंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विशेष सभाओं का आयोजन
दूसरे चरण के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर—
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- विशेष सभाएं
- वंदे मातरम् पर निबंध प्रतियोगिता
- देशभक्ति गीत और कविता पाठ
जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ना है।
गणतंत्र दिवस पर होगा मुख्य आयोजन
26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के दिन इस श्रृंखला के अंतर्गत भव्य और बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में—
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- राज्यपाल रमेन डेका
की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस दिन वंदे मातरम् के सामूहिक गायन और देशभक्ति से जुड़े विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड की सहभागिता
इन कार्यक्रमों में—
- एनसीसी (NCC)
- एनएसएस (NSS)
- स्काउट एंड गाइड
के छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इनके माध्यम से अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सेवा भावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बैंड की प्रस्तुति
कार्यक्रमों के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा—
- वंदे मातरम्
- अन्य देशभक्ति गीतों
का सजीव गायन किया जाएगा, जिससे आम नागरिक भी इन आयोजनों से सीधे जुड़ सकें।
चार चरणों में मनाई जा रही 150वीं जयंती
सरकार द्वारा वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को चार चरणों में मनाने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक चरण में अलग-अलग विषयों और गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्ता को रेखांकित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करने का प्रयास
इन आयोजनों के माध्यम से सरकार और प्रशासन का उद्देश्य—
- राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करना
- युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करना
- वंदे मातरम् के ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाना
है।
