SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी आज निर्वाचन आयोग से मुलाकात करेगी। कांग्रेस का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल दोपहर 12 बजे राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपेगा और इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएगा।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता, समय-सीमा और क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा करेगा। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया में कई व्यावहारिक और तकनीकी खामियां हैं, जिनके चलते बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा पैदा हो सकता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कहना है कि SIR की मौजूदा प्रक्रिया से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों, आदिवासी इलाकों, गरीब, बुजुर्ग और प्रवासी मजदूर वर्ग प्रभावित हो सकता है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कई मतदाता आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस निर्वाचन आयोग से मांग करेगी कि
- SIR प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए
- मतदाताओं को पर्याप्त समय और सुविधा दी जाए
- किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित सत्यापन के मतदाता सूची से न हटाया जाए
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी।
पार्टी नेताओं के अनुसार, SIR जैसे महत्वपूर्ण विषय पर निर्वाचन आयोग से सीधी बातचीत बेहद आवश्यक है, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता के साथ-साथ हर नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रह सके।
