राजधानी रायपुर के सबसे लोकप्रिय मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक स्पॉट तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) पर अब पार्किंग शुल्क लिए जाने का फैसला किया गया है।
नगर निगम ने तालाब के पाथवे (फुटपाथ) क्षेत्र को ही पार्किंग स्थल घोषित कर दिया है, जिससे यहां रोज टहलने आने वाले लोगों में भारी नाराज़गी है।

💰 क्या है नया पार्किंग शुल्क नियम?
नगर निगम द्वारा तय किए गए शुल्क इस प्रकार हैं—
- 🚗 चार पहिया वाहन:
👉 4 घंटे के लिए 20 रुपये - 🏍️ दोपहिया वाहन:
👉 12 घंटे के लिए 10 रुपये
इस फैसले के बाद आरोप लग रहे हैं कि
👉 फुटपाथ को पार्किंग में तब्दील किया जा रहा है,
👉 जिससे पैदल चलने वालों को परेशानी होगी।
🚫 विरोध में लगे बैनर, वॉकर्स भड़के
तेलीबांधा तालाब क्षेत्र में इस फैसले के विरोध में बैनर लगाए गए हैं।
मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले नागरिकों ने इसे अव्यावहारिक और जनविरोधी करार दिया है।
स्थानीय लोगों की नाराज़गी
मॉर्निंग वॉक करने वाले श्यामलाल साहू, विनीत समेत अन्य नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“नगर निगम के अधिकारी क्या इतने मूर्ख हैं कि फुटपाथ पर पार्किंग शुल्क वसूलेंगे?
पहले भी निगम ने यही गलती की थी, तब विरोध के बाद फैसला वापस लेना पड़ा था।
अब क्या मॉर्निंग वॉक करने वालों से भी पैसा वसूला जाएगा?”
लोगों का कहना है कि
- पाथवे पैदल चलने वालों के लिए होता है
- वहां वाहनों की पार्किंग से
- सुरक्षा खतरे में पड़ेगी
- और वॉकर्स को असुविधा होगी
🏛️ निगम कमिश्नर ने झाड़ा पल्ला
जब इस पूरे विवाद पर नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा—
“मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है।”
इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि
👉 अगर आदेश जारी हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी है?
👉 क्या बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के ऐसा फैसला लिया गया?
🔁 2021 में भी हुआ था ऐसा ही विवाद
यह पहला मौका नहीं है।
👉 जुलाई 2021 में भी नगर निगम ने तेलीबांधा तालाब घूमने आने वालों से पार्किंग शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया था।
लेकिन—
- आदेश के बाद जब जबरदस्त विरोध हुआ
- तब तत्कालीन महापौर एजाज ढेबर ने
👉 आदेश को तुरंत वापस ले लिया था
अब एक बार फिर
🔄 वही फैसला,
🔄 वही जगह,
🔄 और वही नाराज़गी सामने आ रही है।
❓ अब बड़ा सवाल
- क्या नगर निगम यह फैसला वापस लेगा?
- क्या फुटपाथ को पार्किंग बनाना सही है?
- क्या आम नागरिकों की सुविधा से ज्यादा राजस्व वसूली पर जोर है?
इन सवालों को लेकर अब शहर में चर्चा तेज हो गई है।
🔚 निष्कर्ष
मरीन ड्राइव जैसे सार्वजनिक और स्वास्थ्य से जुड़े स्थल पर
👉 पार्किंग शुल्क
👉 और वह भी पाथवे पर
लोगों को मंजूर नहीं है।
अगर समय रहते निगम ने स्थिति नहीं संभाली, तो
⚠️ विरोध और तेज हो सकता है।
