छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के नाम से विख्यात राजिम एक बार फिर धर्म, आस्था और सनातन संस्कृति के महासंगम का साक्षी बनने जा रहा है। माघ पूर्णिमा, 1 फरवरी 2026 से लेकर महाशिवरात्रि, 15 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाला राजिम कुंभ कल्प 2026 आज विधिवत शुभारंभ के साथ शुरू होगा।

🌊 त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी
राजिम वह पावन स्थल है जहाँ महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का त्रिवेणी संगम होता है। कुंभ कल्प के दौरान देशभर से साधु-संत, नागा साधु, अखाड़े, श्रद्धालु और पर्यटक यहां पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक का यह काल अत्यंत फलदायी माना जाता है।
🛕 नए मेला स्थल चौबेबांधा में आयोजन
इस वर्ष भी राजिम कुंभ कल्प का आयोजन नए मेला स्थल चौबेबांधा, राजिम में किया जा रहा है। यहां
- विशाल साधु-संत शिविर
- कथा-प्रवचन और सत्संग
- यज्ञ, हवन और धार्मिक अनुष्ठान
- अखाड़ों की शाही पेशी
जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।
🎶 संस्कृति और परंपरा का उत्सव
कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को प्रदर्शित करने का भी प्रमुख मंच है। इस दौरान
- लोकनृत्य और लोकगीत
- सांस्कृतिक संध्याएं
- हस्तशिल्प एवं ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी
आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
🚓 प्रशासनिक तैयारियां पूरी
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
- यातायात व्यवस्था
- सुरक्षा और पुलिस बल की तैनाती
- स्वास्थ्य शिविर और एम्बुलेंस सेवा
- पेयजल, स्वच्छता और ठहरने की व्यवस्था
को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
🙏 आस्था और आध्यात्म का महापर्व
राजिम कुंभ कल्प 2026 श्रद्धा, साधना और सनातन परंपरा का ऐसा महापर्व है, जो छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाता है। आने वाले 15 दिनों तक राजिम आस्था, भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा रहेगा।
