रायपुर।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आगामी केंद्रीय बजट को लेकर मोदी सरकार से छत्तीसगढ़ के हित में ठोस और प्रभावी प्रावधान करने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के विकास और पुनर्वास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए जाने पर जोर दिया। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में घोषित योजनाओं के लिए अब तक बजट जारी न होने पर गंभीर सवाल उठाए।

📌 घोषणाएं हुईं, ज़मीनी काम नहीं
दीपक बैज ने कहा कि
- रायपुर–राजनांदगांव–हैदराबाद हाईवे की घोषणा केंद्र सरकार ने 2022 के बजट में की थी, लेकिन आज तक इसका सर्वे तक शुरू नहीं हुआ।
- नया रायपुर में एम्स के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में भूमि अधिग्रहण कर केंद्र को सौंप दी, इसके बावजूद अब तक नए एम्स के निर्माण के लिए एक भी पैसा जारी नहीं किया गया।
उन्होंने इसे केंद्र सरकार की छत्तीसगढ़ के प्रति उदासीनता बताया।
🚆 रेल, उद्योग और एयरपोर्ट विस्तार की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि
- रायपुर–बलौदाबाजार–सारंगढ़–उड़ीसा रेल लाइन अब तक केवल घोषणा बनकर रह गई है।
- बिलासपुर में वैगन निर्माण कारखाना स्थापित किया जाए।
- जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट के विस्तार के साथ-साथ इन्हें कार्गो हब के रूप में विकसित करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाए।
🏭 नवरत्न कंपनियों और रोजगार का मुद्दा
दीपक बैज ने मांग की कि
- एनएमडीसी, एसईसीएल और सीआईएल जैसी नवरत्न और महरत्न कंपनियों के कार्यालयों और गतिविधियों का विस्तार छत्तीसगढ़ में किया जाए।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हो रहे अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
- छत्तीसगढ़ में संचालित सार्वजनिक उपक्रमों की भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय पात्र युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
🌊 जल, सिंचाई और सड़कें भी एजेंडे में
उन्होंने कहा कि
- अंतरराज्यीय जल बंटवारे में छत्तीसगढ़ की लगातार हो रही उपेक्षा बंद की जाए।
- राज्य की सिंचाई परियोजनाओं को केंद्रीय योजनाओं में शामिल कर पर्याप्त बजट दिया जाए।
- छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की जर्जर हालत सुधारने के लिए विशेष बजट प्रावधान हो।
- साथ ही टोल टैक्स की लूट कम करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
🔴 केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बजट में छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी राज्य की जरूरतों और बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की अनदेखी हुई, तो कांग्रेस पार्टी इसका राजनीतिक और जनआंदोलन के स्तर पर विरोध करेगी।
