रायपुर।
प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में करीब तीन माह के अंतराल के बाद एक बार फिर सहयोग केंद्र की शुरुआत होने जा रही है। यह सहयोग केंद्र 3 फरवरी से 6 फरवरी तक संचालित रहेगा, जिसमें प्रदेश सरकार के अलग-अलग मंत्री स्वयं उपस्थित रहकर भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनके त्वरित समाधान का प्रयास करेंगे।

🏛️ राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शुरू हुई थी पहल
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन को निर्देश दिए थे कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता की समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचें और उनका समाधान हो। इसी निर्देश के तहत वर्ष 2024 में पहली बार सहयोग केंद्र की शुरुआत की गई थी।
इस दौरान मंत्रियों ने बैठकर कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उनके क्षेत्रों से आई जनसमस्याओं और मांगों को सुना और कई मामलों में तत्काल समाधान भी किया गया।
⏳ बीच में बंद, कार्यकर्ता करते रहे इंतजार
सहयोग केंद्र की शुरुआत के बाद जब यह व्यवस्था बंद हुई, तो कार्यकर्ता पूरे साल इसके दोबारा शुरू होने का इंतजार करते रहे।
बीते साल अक्टूबर माह में इसे फिर से शुरू किया गया, लेकिन दीपावली पर्व को देखते हुए यह पहल महज दो सप्ताह ही चल पाई और फिर बंद कर दी गई।
इन दो सप्ताहों में ही
- मंत्रियों के पास 1000 से अधिक आवेदन, समस्याएं और मांगें पहुंचीं
- इनमें से लगभग आधी समस्याओं का समाधान तत्काल कर दिया गया था
इससे सहयोग केंद्र की उपयोगिता और प्रभावशीलता साफ तौर पर सामने आई।
📅 3 से 6 फरवरी तक सुनेंगे मंत्री समस्याएं
अब एक बार फिर सहयोग केंद्र को शुरू किया जा रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार—
- 3 फरवरी
👉 स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल सहयोग केंद्र में उपस्थित रहेंगे
👉 उनके साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय मौजूद रहेंगे - 4 फरवरी
👉 कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल समस्याएं सुनेंगे और समाधान करेंगे
👉 उनके साथ प्रदेश भाजपा महामंत्री अखिलेश सोनी रहेंगे - 5 फरवरी
👉 श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन सहयोग केंद्र में उपस्थित रहेंगे
👉 उनके साथ प्रदेश भाजपा महामंत्री यशवंत जैन रहेंगे - 6 फरवरी
👉 खाद्य मंत्री दयालदास बघेल सहयोग केंद्र में समस्याएं सुनेंगे
👉 उनके साथ प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रंजना साहू मौजूद रहेंगी
🎯 जनता और कार्यकर्ताओं को मिलेगी राहत
भाजपा संगठन का मानना है कि सहयोग केंद्र के जरिए
- जनता की समस्याएं सीधे मंत्रियों तक पहुंचेंगी
- प्रशासनिक अड़चनें कम होंगी
- और समाधान की प्रक्रिया तेज होगी
सहयोग केंद्र के पुनः शुरू होने से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं पर सरकार गंभीरता से सुनवाई करेगी।
