कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद कमिश्नरेट पुलिस रायपुर द्वारा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जनविश्वास मजबूत करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (आईपीएस) के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया।
यह सेमिनार शंकर नगर स्थित सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें आरक्षक स्तर से लेकर पुलिस कमिश्नर तक सभी अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

🏛️ सेमिनार का उद्देश्य क्या था?
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य था:
- कमिश्नरी प्रणाली में पुलिस की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना
- आम नागरिकों की अपेक्षाओं को समझना
- व्यवहारिक पुलिसिंग के ज़रिए भरोसे का सेतु बनाना
डॉ. संजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि:
“कमिश्नरी सिस्टम केवल अधिकारों का विस्तार नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का मजबूत आधार है।”
🛡️ “जनविश्वास ही पुलिस की असली ताकत” – कमिश्नर संजीव शुक्ला
अपने संबोधन में पुलिस कमिश्नर ने कहा कि:
- भयमुक्त और सुरक्षित रायपुर का निर्माण तभी संभव है
- जब पुलिस संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितकारी दृष्टिकोण के साथ कार्य करे
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि कानून का पालन कराना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज़्यादा जरूरी है कि पुलिस जनता की मित्र बने।
👮♂️ बेसिक पुलिसिंग पर विशेष ज़ोर
डॉ. शुक्ला ने पुलिसकर्मियों को बेसिक पुलिसिंग के मूल सिद्धांतों का पालन करने के निर्देश दिए:
- सभ्य और शालीन व्यक्तिगत आचरण
- नागरिकों से सम्मानजनक व्यवहार
- शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनना
- वैधानिक और त्वरित समाधान देना
उन्होंने बताया कि शिकायतों की समीक्षा में यह सामने आया है कि कई मामलों में नागरिकों को अपेक्षित सुनवाई नहीं मिल पाती, जिसे सुधारात्मक सोच के साथ दूर करना ज़रूरी है।
🚓 विजिबल पुलिसिंग का सही अर्थ बताया
पुलिस कमिश्नर ने कहा:
“विजिबल पुलिसिंग का मतलब केवल सड़क पर दिखना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देना है।”
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- विजिबल पुलिसिंग वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हो
- आमजन को यह महसूस हो कि पुलिस सुरक्षा और सम्मान दोनों दे रही है
साथ ही उन्होंने साफ किया:
- अपराधियों के प्रति कानून सख्त रहेगा
- आम नागरिकों के प्रति पुलिस का रवैया सहयोगात्मक और मानवीय होगा
🎖️ अनुशासन और वेशभूषा पर सख्त संदेश
डॉ. शुक्ला ने पुलिसकर्मियों से अपील की कि:
- स्वच्छ और सुसज्जित वेशभूषा अपनाएं
- अनुशासित कार्यशैली रखें
- हर परिस्थिति में मर्यादित व्यवहार करें
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि:
“अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।”
👥 सेमिनार में कौन-कौन रहे मौजूद?
इस अवसर पर:
- एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल
- एडिशनल डीसीपी अर्चना झा
- एडिशनल डीसीपी राहुद देव शर्मा
- एडिशनल डीसीपी आकाश मरकाम
- समस्त एसीपी एवं थाना प्रभारी
उपस्थित रहे।
🔎 निष्कर्ष
यह सेमिनार केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि
👉 पुलिसिंग के व्यवहार में बदलाव और
👉 जनता-पुलिस के रिश्ते को मजबूत करने की दिशा में ठोस पहल है।
