सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपति अनिल धीरूभाई अंबानी (ADAG समूह) से जुड़े कथित बैंकिंग घोटाले की जांच को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों ED (प्रवर्तन निदेशालय) और CBI की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई अहम निर्देश दिए हैं।

🔴 1. सुप्रीम कोर्ट क्यों नाराज़ हुआ?
कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच में एजेंसियों ने जरूरत से ज्यादा देरी की है।
- CBI ने 2025 में केवल SBI की शिकायत पर एक FIR दर्ज की।
- जबकि अन्य बैंकों की शिकायतें भी अलग-अलग लेन-देन से जुड़ी थीं।
- कोर्ट के अनुसार, हर बैंक के मामले में अलग FIR दर्ज होना चाहिए था।
👉 कोर्ट ने साफ कहा कि एजेंसियों ने पहले ही काफी समय ले लिया है, अब जांच तेजी से पूरी करनी होगी।
🔴 2. ED को SIT बनाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने ED को निर्देश दिया है कि वह मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाए।
- SIT का मतलब – अलग टीम जो सिर्फ इस केस की जांच करेगी।
- कोर्ट ने एजेंसियों को 4 हफ्ते में जांच रिपोर्ट देने को कहा है।
यह आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए दिया गया है।
🔴 3. बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
कोर्ट ने सिर्फ कंपनियों ही नहीं बल्कि बैंक अधिकारियों पर भी सवाल उठाए हैं।
👉 CBI को निर्देश दिया गया है कि जांच करे:
- क्या बैंक अधिकारियों की मिलीभगत थी?
- क्या नियमों को नजरअंदाज करके लोन दिया गया?
🔴 4. अनिल अंबानी के विदेश भागने पर क्या कहा गया?
सुनवाई के दौरान यह आशंका जताई गई कि अनिल अंबानी देश छोड़ सकते हैं।
- उनके वकील ने कोर्ट से कहा कि
👉 वे देश नहीं छोड़ेंगे
👉 कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाएंगे - सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि
👉 कई लोगों के खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर जारी किए जा चुके हैं।
🔴 5. मामला शुरू कैसे हुआ?
यह पूरा मामला पूर्व नौकरशाह ईएएस सरमा की जनहित याचिका से शुरू हुआ।
याचिका में आरोप लगाए गए कि:
- बैंकों से लिए गए सार्वजनिक पैसे को गलत तरीके से दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया
- कंपनियों के वित्तीय दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई
- कई वित्तीय संस्थानों की मिलीभगत हो सकती है
🔴 6. घोटाले से जुड़ी रकम और आरोप
- ADAG समूह की कंपनियों ने बैंकों से लगभग 12,524 करोड़ रुपये का लोन लिया
- इसमें से करीब 6,931 करोड़ रुपये NPA (डूबा हुआ कर्ज) घोषित हो गया
- आरोप है कि इस रकम को समूह की दूसरी कंपनियों में भेज दिया गया
👉 जिन बैंकों ने लोन दिया:
- SBI
- बैंक ऑफ इंडिया
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- यस बैंक
इन बैंकों ने लोन को फ्रॉड घोषित किया है।
🔴 7. अनिल अंबानी पर पहले से केस
अनिल अंबानी के खिलाफ अभी मनी लॉन्ड्रिंग के 4 केस दर्ज हैं और जांच जारी है।
✅ इस फैसले का महत्व
- जांच तेज होने की संभावना
- बैंकिंग घोटालों में जवाबदेही तय हो सकती है
- बड़े कॉरपोरेट मामलों में जांच एजेंसियों की भूमिका पर निगरानी बढ़ेगी
