अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके साथ ही भारत ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर बनाने का नया रिकॉर्ड भी बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 253 रन का था, जो ऑस्ट्रेलिया ने 2024 में भारत के खिलाफ बनाया था।

वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी, इंग्लैंड के गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक पारी के सबसे बड़े हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने मात्र 80 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने 218.75 की जबरदस्त स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी इस आक्रामक पारी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया और भारत को रिकॉर्ड स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
वैभव की बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और इंग्लैंड के किसी भी गेंदबाज को नहीं बख्शा।
कप्तान आयुष म्हात्रे और अन्य बल्लेबाजों का भी अहम योगदान
टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 53 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके अलावा अभिज्ञान कुंडू ने 40 रन, वेदांत त्रिवेदी ने 32 रन और विहान मल्होत्रा ने 30 रन का योगदान दिया। कनिष्क चौहान ने 37 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम का स्कोर 400 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और लगातार रन बनाते रहे, जिससे इंग्लैंड की टीम पूरे मैच में दबाव में नजर आई।
इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए मुश्किल दिन
इंग्लैंड की ओर से जेम्स मीटो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट हासिल किए। वहीं सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट लिए। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों के सामने इंग्लैंड के गेंदबाज ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और टीम को बड़ा स्कोर बनाने से नहीं रोक पाए।
भारत ने बनाया फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर
भारत का 411 रन का स्कोर अंडर-19 विश्व कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। इससे पहले कोई भी टीम फाइनल में 300 रन के करीब भी नहीं पहुंच सकी थी। यह भारतीय टीम की बल्लेबाजी ताकत और युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा का बड़ा उदाहरण है।
इंग्लैंड के सामने कठिन चुनौती
अब इंग्लैंड की टीम को खिताब जीतने के लिए 412 रन का मुश्किल लक्ष्य हासिल करना होगा, जो अंडर-19 क्रिकेट में बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। भारत की मजबूत गेंदबाजी और बड़े स्कोर को देखते हुए टीम का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
दोनों टीमों की प्लेइंग-11
भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), वेदांत त्रिवेदी, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेन्द्रन।
इंग्लैंड: थॉमस रेव (कप्तान), बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूर्स, बेन मेयस, कालेब फॉकनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मीटो, मैनी लुम्सडेन, एलेक्स ग्रीन।
भारत के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका
भारतीय टीम अब जीत से सिर्फ एक कदम दूर है। यदि गेंदबाज भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो भारत अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीतकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर सकता है। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी और यह अंडर-19 क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक मानी जा रही है।
