भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मॉनेटरी पॉलिसी से पहले बाजार और आम लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या रेपो रेट में कटौती होगी और इससे लोन की EMI में राहत मिलेगी या नहीं। फिलहाल मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार RBI ब्याज दरों में बदलाव करने के बजाय लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दे सकता है।
रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम
मॉनेटरी पॉलिसी पोल के अनुसार, लगभग 90–95% एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। इसका मतलब है कि RBI फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है।
सिर्फ करीब 10% एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) की मामूली कटौती कर सकता है।
रेपो रेट वही दर होती है जिस पर RBI बैंकों को लोन देता है। अगर इसमें कटौती होती है, तो बैंक भी होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें कम कर सकते हैं, जिससे EMI घटती है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से रेट कट की उम्मीदें कम
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। इससे आर्थिक स्थिरता बढ़ने की उम्मीद है और RBI पर तुरंत रेट कट करने का दबाव कम हो गया है।
इस वजह से बाजार अब मान रहा है कि RBI जल्दबाजी में ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा।
RBI का फोकस लिक्विडिटी बढ़ाने पर
इस बार RBI ब्याज दर घटाने के बजाय बाजार में नकदी (Liquidity) बढ़ाने के उपाय कर सकता है, जैसे:
- Open Market Operations (OMO): RBI सरकारी बॉन्ड खरीदकर बाजार में पैसा डालेगा
- Variable Rate Repo (VRR): बैंकों को सस्ते दर पर फंड उपलब्ध कराएगा
- Operation Twist: बॉन्ड यील्ड को कंट्रोल करने के लिए विशेष रणनीति
- CRR में कटौती: बैंकों के पास ज्यादा पैसा होगा, जिससे लोन देना आसान होगा
इन कदमों से लोन सस्ता हो सकता है, भले ही रेपो रेट में बदलाव न हो।
EMI पर कितना पड़ेगा असर? (उदाहरण से समझें)
अगर RBI रेपो रेट में 0.25% कटौती करता है, तो:
- ₹30 लाख का होम लोन (20 साल के लिए)
- EMI लगभग ₹400–₹600 प्रति महीने कम हो सकती है
- कुल मिलाकर लाखों रुपये का ब्याज बच सकता है
लेकिन अगर रेपो रेट स्थिर रहता है, तो EMI में तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा।
पूरे साल क्या रह सकता है ट्रेंड
- करीब 70% एक्सपर्ट्स का मानना है कि पूरे 2026 में रेट स्थिर रह सकते हैं
- कुछ लोगों को साल के अंत में मामूली कटौती की उम्मीद है
- किसी भी एक्सपर्ट ने फिलहाल रेट बढ़ने की संभावना नहीं जताई है
आम लोगों के लिए क्या मतलब है
- अभी EMI में तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है
- लेकिन RBI अगर लिक्विडिटी बढ़ाता है, तो बैंकों की लोन दरें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं
- नए लोन लेने वालों को आने वाले महीनों में बेहतर ब्याज दर मिल सकती है
निष्कर्ष: इस बार RBI से रेपो रेट कट की संभावना कम है, इसलिए EMI तुरंत घटने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, लिक्विडिटी बढ़ाने के कदमों से भविष्य में लोन सस्ता हो सकता है और आम लोगों को राहत मिल सकती है।
