छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस प्रक्रिया के तहत राज्यभर में मतदाताओं के दावे और आपत्तियों की सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तैयारी की जा रही है।
ड्राफ्ट मतदाता सूची 23 दिसंबर 2025 को हुई थी जारी
निर्वाचन आयोग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इसके बाद 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक मतदाताओं से दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस दौरान जिन लोगों का नाम जोड़ना था, सुधार करना था या नाम हटाने को लेकर आपत्ति थी, उन्होंने निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन किया।
98 प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूरी
विशेष पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।
अब तक राज्यभर में जारी किए गए करीब 98 प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। सुनवाई के दौरान मतदाताओं ने निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 प्रकार के दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अधिकारियों द्वारा नाम जोड़ने या हटाने का अंतिम निर्णय लिया जा रहा है। यह प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी।
21 फरवरी 2026 को होगा अंतिम प्रकाशन
सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद यह सूची आगामी चुनावों के लिए आधिकारिक रूप से मान्य होगी।
राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई जानकारी
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दावा और आपत्ति अवधि के दौरान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्राप्त दावों और आपत्तियों की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई, ताकि वे सूची का अवलोकन कर सकें और आवश्यक सुझाव दे सकें।
केवल तीन स्थितियों में ही हटाया जा सकता है नाम
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से किसी का नाम केवल तीन स्थितियों में ही हटाया जा सकता है:
- मतदाता की मृत्यु होने पर
- स्थायी रूप से अन्य स्थान पर निवास स्थान बदलने पर
- नाम दो बार दर्ज (डुप्लीकेट) होने पर
इसके अलावा किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना कारण हटाया नहीं जा सकता।
अपील करने का भी है अधिकार
यदि कोई मतदाता ERO के फैसले से असंतुष्ट है, तो वह:
- पहली अपील जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास कर सकता है
- दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास कर सकता है
यह पूरी प्रक्रिया निर्वाचन नियमों के अनुसार की जाती है।
अफवाहों से बचने की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। मतदाता सूची से संबंधित जानकारी के लिए केवल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, BLO या जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
यह विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
