रायपुर। विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर 13 फरवरी को राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन जनसंचार के क्षेत्र में रेडियो की ऐतिहासिक भूमिका और उसके भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन प्रसार भारती और यूनेस्को द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे। वे कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करेंगे और रेडियो के बदलते स्वरूप तथा डिजिटल युग में इसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ-साथ आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव जैन और यूनेस्को के क्षेत्रीय संचार एवं सूचना सलाहकार हज्जाज माले भी शामिल होंगे।
इसके अलावा आकाशवाणी के वरिष्ठ अधिकारी, प्रसार भारती के प्रतिनिधि और मीडिया, तकनीक तथा संचार क्षेत्र के विशेषज्ञ भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
इस वर्ष की थीम: ‘रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’
वर्ष 2026 के विश्व रेडियो दिवस की थीम ‘रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ निर्धारित की गई है। इस विषय के अंतर्गत रेडियो प्रसारण में एआई के नवाचारपूर्ण उपयोग, कंटेंट निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका, श्रोताओं तक प्रभावी पहुंच बढ़ाने की तकनीक, तथा एआई से जुड़ी तकनीकी और नैतिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञ इस बात पर भी प्रकाश डालेंगे कि किस प्रकार एआई तकनीक रेडियो को अधिक इंटरएक्टिव, व्यक्तिगत और व्यापक पहुंच वाला माध्यम बना सकती है, साथ ही इसके जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श होगा।
विशेष डिजिटल विमोचन
शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आकाशवाणी की विशेष स्मारक श्रृंखला ‘स्वाधीनता का जयघोष – वंदे मातरम्: भारत की सांस्कृतिक धरोहर – एक संगीतमय यात्रा’ के अंतर्गत छह नई संगीत प्रस्तुतियों का डिजिटल विमोचन किया जाएगा। यह श्रृंखला भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और सांस्कृतिक विरासत में ‘वंदे मातरम्’ की भूमिका को संगीतमय रूप में प्रस्तुत करती है।
यह कार्यक्रम न केवल रेडियो के गौरवशाली इतिहास को सम्मानित करेगा, बल्कि डिजिटल और एआई युग में इसकी नई संभावनाओं को भी रेखांकित करेगा। राजधानी रायपुर में आयोजित यह राष्ट्रीय आयोजन राज्य के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
