छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अधोसंरचना विकास कार्य के चलते कई MEMU पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग तिथियों में रद्द कर दी गई हैं। यह फैसला रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और भविष्य में ट्रेनों के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

कहाँ और क्यों हो रहा है कार्य
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में समपार फाटक क्रमांक 481 (किमी 948/19-21) पर बोरतलाव–दरेकसा रेलखंड में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बॉक्स पुशिंग कार्य किया जा रहा है।
इस कार्य के अंतर्गत:
- RH-Girder (रेलवे गर्डर) की लॉन्चिंग और डी-लॉन्चिंग की जाएगी
- ट्रैफिक और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पावर ब्लॉक लिया जाएगा
- तृतीय लाइन (Third Line) का निर्माण और तकनीकी कार्य भी इसी दौरान होगा
यह काम रेलवे लाइन को अधिक सुरक्षित, मजबूत और भविष्य में ज्यादा ट्रेनों के संचालन के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
किन तिथियों में ट्रेनें रहेंगी रद्द
रेलवे द्वारा निम्न तिथियों में MEMU पैसेंजर ट्रेनें रद्द की गई हैं:
- 13 फरवरी 2026
- 14 फरवरी 2026
- 15 फरवरी 2026
- 13 मार्च 2026
- 14 मार्च 2026
- 15 मार्च 2026
इन तिथियों में अप और डाउन दोनों दिशाओं की ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।
किन रूटों की ट्रेनें प्रभावित
इन प्रमुख रेलखंडों पर चलने वाली MEMU पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी:
- रायपुर – डोंगरगढ़
- डोंगरगढ़ – गोंदिया
- गोंदिया – रायपुर
- दुर्ग – गोंदिया
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी स्टेशन – गोंदिया
- बालाघाट – नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी
कुल मिलाकर इन रूटों पर चलने वाली 9 MEMU पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग तिथियों में रद्द रहेंगी।
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर
- रोजाना अप-डाउन करने वाले नौकरीपेशा और छात्र प्रभावित होंगे
- लोकल यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है
- गोंदिया, दुर्ग, रायपुर और नागपुर के बीच आवागमन करने वालों को वैकल्पिक साधन तलाशना होगा
रेलवे की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले:
- ट्रेन की स्थिति IRCTC या रेलवे इंक्वायरी से जांच लें
- वैकल्पिक ट्रेन या बस सेवा का उपयोग करें
- अनावश्यक यात्रा से बचें
क्यों जरूरी है यह काम
यह अधोसंरचना विकास कार्य पूरा होने के बाद:
- ट्रेनों की गति बढ़ सकेगी
- ट्रैफिक क्षमता बढ़ेगी
- दुर्घटना की संभावना कम होगी
- भविष्य में नई ट्रेनें चलाने में सुविधा होगी
