24 फरवरी को लगातार पांचवें कारोबारी दिन भारतीय IT शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। सुबह के सत्र में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3.33% टूट गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए दावों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है कि इससे पारंपरिक IT कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर बड़ा असर पड़ सकता है।
📉 किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
निफ्टी 50 के टॉप लूज़र्स में ज्यादातर IT कंपनियां शामिल रहीं:
- HCL Technologies – 3.9% गिरकर ₹1,370
- Infosys – 3.5% गिरकर ₹1,281.5
- Tata Consultancy Services (TCS) – 3.1% गिरकर ₹2,592.5
- Tech Mahindra – 2.8% गिरकर ₹1,400
- Wipro – 2.7% गिरकर ₹200.2
- LTIMindtree – 2.4% गिरकर ₹4,716
साल 2026 के पहले दो महीनों में ही IT शेयरों में 10% से 20% तक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
🤖 AI से डर क्यों बढ़ा?
अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने दावा किया है कि उसके “Cloud Code” टूल्स पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को मॉडर्न बनाने की लागत और समय को काफी कम कर सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि लेगेसी मॉडर्नाइजेशन और एप्लिकेशन मेंटेनेंस भारतीय IT कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा है।
यदि AI यह काम तेज़ और सस्ते तरीके से करने लगे, तो:
- रेवेन्यू ग्रोथ धीमी पड़ सकती है
- मार्जिन पर दबाव आ सकता है
- पारंपरिक मैनेज्ड सर्विस मॉडल कमजोर पड़ सकता है
इसी आशंका ने निवेशकों में घबराहट पैदा की है।

📊 ब्रोकरेज हाउस की राय
🔻 Jefferies का नकारात्मक रुख
Jefferies ने कई IT शेयरों की रेटिंग और टारगेट प्राइस घटा दिए हैं।
- Infosys और HCL Tech को डाउनग्रेड कर ‘Hold’
- TCS, LTIMindtree और Hexaware को ‘Underperform’
- टारगेट प्राइस में 28% से 33% तक कटौती
ब्रोकरेज का मानना है कि AI से सेक्टर में स्ट्रक्चरल बदलाव आ सकते हैं। मैनेज्ड सर्विसेज का हिस्सा घट सकता है, जबकि कंसल्टिंग और AI इम्प्लीमेंटेशन का हिस्सा बढ़ सकता है।
⚖️ CLSA का संतुलित नजरिया
CLSA का कहना है कि AI को लेकर चिंताएं कुछ हद तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं।
- क्लाइंट स्पेंड में अभी बड़ा बदलाव नहीं
- डील स्ट्रक्चर स्थिर
- सर्विस मिक्स में अचानक गिरावट नहीं
CLSA ने Infosys, Tech Mahindra, Coforge और Persistent Systems को अपने पसंदीदा स्टॉक्स में रखा है, हालांकि वैल्यूएशन प्रेशर के कारण टारगेट प्राइस कम किए गए हैं।
📌 आगे क्या हो सकता है?
- शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी जारी रह सकती है।
- AI ट्रांजिशन के दौरान पारंपरिक IT कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना होगा।
- जो कंपनियां AI को अपनाकर कंसल्टिंग और हाई-वैल्यू डिजिटल सर्विसेज पर फोकस करेंगी, वे लंबी अवधि में मजबूत रह सकती हैं।
🧠 निवेशकों के लिए रणनीति
✔ घबराहट में बिकवाली से बचें
✔ मजबूत बैलेंस शीट और ऑर्डर बुक वाली कंपनियों पर फोकस करें
✔ चरणबद्ध निवेश (SIP/स्टैगर्ड एंट्री) बेहतर विकल्प
✔ AI-फ्रेंडली और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आगे कंपनियों को प्राथमिकता दें
निष्कर्ष
AI फिलहाल भारतीय IT सेक्टर के लिए खतरे और अवसर दोनों का संकेत दे रहा है। बाजार में जो गिरावट दिख रही है, वह अनिश्चितता और वैल्यूएशन प्रेशर का परिणाम है। लेकिन लंबी अवधि में वही कंपनियां टिकेंगी जो AI को खतरे की बजाय अवसर में बदल पाएंगी।
