रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए प्रदेश में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायकों ने प्रशासन पर विफलता का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सख्त कार्रवाई का दावा किया।
🔹 भाजपा विधायकों का आरोप: “प्रशासन फेल”
भाजपा विधायक Ajay Chandrakar और Dharamlal Kaushik ने ध्यानाकर्षण में कहा कि:
- रायपुर सहित पूरे प्रदेश में नशे का कारोबार बढ़ रहा है
- अपराधों में वृद्धि हो रही है
- यहां तक कि कुछ मामलों में पुलिस आरक्षक पर भी नशे की बिक्री में शामिल होने के आरोप लगे
अजय चंद्राकर ने कहा कि “प्रदेश नशे की आगोश में है” और इसे रोकने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है।
🔹 गृह मंत्री का जवाब: “प्रशासन संकल्पित, कार्रवाई जारी”
गृह मंत्री Vijay Sharma ने प्रशासन के फेल होने के आरोपों को नकारते हुए कहा:
- विभाग पूरी तरह संकल्पित है
- लगातार कार्रवाई की जा रही है
- टिकरापारा क्षेत्र में आरक्षक पर कार्रवाई की गई है, मामला प्रक्रियाधीन है
- रणनीति (Strategy) बदली गई है और अब “एंड टू एंड” कार्रवाई की जा रही है
उन्होंने कहा कि जो भी अपराधी या बदमाश इस तरह के कृत्य में शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

🔹 अवैध शराब और सूखे नशे पर भी चर्चा
विधायक Sushant Shukla ने अवैध शराब को लेकर जानकारी मांगी। मंत्री ने जवाब दिया कि कुछ मामलों में पुलिस सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती, लेकिन व्यापक रणनीति पर काम हो रहा है।
- मेडिकल दुकानों को भी सख्त हिदायत दी गई है
- कई मामलों में बड़ी कार्रवाई की गई है
विधायक Kunwar Singh Nishad ने कहा कि स्कूलों के आसपास नशे का व्यापार चल रहा है, जो बेहद गंभीर है।
विधायक Atal Shrivastava ने सुझाव दिया कि नशे के आदी आरोपियों के परिजनों की संपत्ति राजसात किए जाने की कार्रवाई पर भी चर्चा हो।
🔹 “शराब पर बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी”
चर्चा के दौरान जब शराब नीति की बात आई तो गृह मंत्री ने कहा,
“शराब पर बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी।”
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने तंज कसते हुए कहा,
“दूर तक जाए तो जाने दीजिए, चर्चा कराइए।”
विधायक Rajesh Munat ने राजधानी में “सूखे नशे” की बिक्री का मुद्दा उठाते हुए सूचना देने वालों के लिए इनाम घोषित करने की मांग की।
🔎 बहस का महत्व
✔ नशे का बढ़ता कारोबार कानून-व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन रहा है
✔ स्कूलों और युवाओं के बीच नशे की पहुंच पर गंभीर चिंता
✔ सत्ता–विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
✔ सरकार ने सख्त कार्रवाई और नई रणनीति का दावा किया
बजट सत्र के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में और राजनीतिक रूप से गरमा सकता है, क्योंकि यह सीधे युवाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली से जुड़ा विषय है।
