प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट के फैसले के बाद अरिजीत सिंह लगातार चर्चा में हैं। जहां कई लोग उनके इस निर्णय का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे चौंकाने वाला मान रहे हैं। अब मशहूर संगीतकार इस्माइल दरबार ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।
🎶 “उनके साथ काम न कर पाने का अफसोस”
हाल ही में एक बातचीत के दौरान इस्माइल दरबार ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि उन्हें अरिजीत के साथ काम करने का मौका नहीं मिला।

उन्होंने कहा:
- “मुझे अपने लिए बुरा लगा, क्योंकि मैं उनके साथ एक अलग तरह का गाना करना चाहता था।”
- “वह जो करते हैं उसमें बेहतरीन हैं, और मैं अपने काम में अच्छा हूं। हम दोनों मिलकर कुछ अलग और खास बना सकते थे।”
दरबार का मानना है कि एक कोलेबोरेशन से संगीत में नया आयाम जुड़ सकता था।
💼 “अरिजीत ने बिजनेसमैन वाला दिमाग लगाया”
इस्माइल दरबार ने अरिजीत के फैसले को भावनात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक और व्यावसायिक बताया।
उनके अनुसार:
- आज के सोशल मीडिया और डिजिटल दौर में कलाकारों को अपने ब्रांड और अधिकारों को लेकर सजग रहना पड़ता है।
- अगर कोई सिंगर बड़े लेबल के लिए गाता है, तो उसका बड़ा फायदा म्यूजिक कंपनी को मिलता है।
- अरिजीत ने समझदारी दिखाते हुए अपने “बिजनेस माइंड” का इस्तेमाल किया है।
दरबार ने यह भी कहा कि अरिजीत “मासूम” या “नादान” नहीं हैं, बल्कि बेहद समझदार कलाकार हैं। उनका निर्णय भी उतना ही परिपक्व है जितनी उनकी गायकी।
🌟 “सेल्फ-मेड स्टार हैं अरिजीत”
इस्माइल दरबार ने अरिजीत की सफलता को उनकी मेहनत और प्रतिभा का परिणाम बताया।
- “वह किसी लेबल की वजह से बड़े नहीं बने।”
- “आज जो मुकाम उन्होंने हासिल किया है, वह अपनी मेहनत और भगवान के आशीर्वाद से है।”
उन्होंने हंसते हुए कहा कि अगर कभी मौका मिला तो वे अरिजीत से अपने साथ “एक आखिरी गाना” जरूर गाने की गुजारिश करेंगे, हालांकि मजाक में यह भी जोड़ दिया कि “वह शायद नहीं मानेंगे।”
🎼 क्या मायने रखता है यह फैसला?
अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट फैसला इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत है:
- कलाकार अब अपने क्रिएटिव और आर्थिक अधिकारों को लेकर ज्यादा जागरूक हैं।
- म्यूजिक इंडस्ट्री में लेबल और आर्टिस्ट के रिश्तों का संतुलन बदल रहा है।
- स्वतंत्र संगीत (इंडी म्यूजिक) और लाइव परफॉर्मेंस की ओर झुकाव बढ़ सकता है।
अरिजीत सिंह का यह कदम भले ही फैंस के लिए भावुक हो, लेकिन इंडस्ट्री के नजरिए से यह एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय माना जा रहा है।
